Molitics Logo
होम ‘गद्दार’ शब्द विवाद पर कंगना की एंट्री, कुणाल कामरा को जमकर सुनाया, BMC कार्रवाई को सही ठहराया

‘गद्दार’ शब्द विवाद पर कंगना की एंट्री, कुणाल कामरा को जमकर सुनाया, BMC कार्रवाई को सही ठहराया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर मजाक उड़ाने और तंज कसने के कारण मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा इन दिनों गंभीर विवादों के केंद्र में फंस |

‘गद्दार’ शब्द विवाद पर कंगना की एंट्री, कुणाल कामरा को जमकर सुनाया, BMC कार्रवाई को सही ठहराया
फोटो: ‘गद्दार’ शब्द विवाद पर कंगना की एंट्री, कुणाल कामरा को जमकर सुनाया, BMC कार्रवाई को सही ठहराया
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर मजाक उड़ाने और तंज कसने के कारण मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा इन दिनों गंभीर विवादों के केंद्र में फंस गए हैं। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित सत्तारूढ़ गठबंधन के कई प्रमुख और प्रभावशाली नेताओं ने कुणाल कामरा की इस हरकत के लिए उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और उनकी जमकर आलोचना की है, वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव गुट) ने इस मामले में उनका खुलकर समर्थन करते हुए उनके पक्ष में मोर्चा खोल दिया है। इस बीच, सोमवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने उस होटल के स्टूडियो के खिलाफ सख्त कदम उठाया, जहां कुणाल कामरा का विवादास्पद शो आयोजित हुआ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्टूडियो के कुछ हिस्सों को अवैध रूप से विस्तारित पाया गया, जिसके बाद इन हिस्सों को तोड़कर ध्वस्त कर दिया गया। 

अब इस पूरे प्रकरण पर अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कंगना ने कुणाल कामरा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई है। मंगलवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि कुछ लोग महज दो मिनट की सस्ती और क्षणिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह की निम्न स्तर की और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है। साथ ही, उन्होंने बीएमसी की इस कार्रवाई को पूरी तरह से उचित और कानूनसम्मत ठहराया। कंगना रनौत ने मुंबई में अपने आवास पर बीएमसी की कार्रवाई से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं अपने घर पर हुई उस घटना को इस मौजूदा घटना से कतई नहीं जोड़ूंगी, क्योंकि मेरे मामले में वह एक गैर-कानूनी और अनुचित कदम था, जबकि यहाँ जो कार्रवाई हुई है, वह पूरी तरह से कानून के दायरे में और नियमों के अनुरूप है।" एकनाथ शिंदे के संदर्भ में अपनी राय रखते हुए कंगना ने कहा, "चाहे आप कोई भी हों, किसी भी व्यक्ति का इस तरह से अपमान करना या उसकी खिल्ली उड़ाना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। खासकर राजनेताओं के लिए उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान सबसे बड़ी और मूल्यवान पूंजी होती है। आप कॉमेडी के नाम पर उनकी इज्जत को तार-तार कर रहे हैं, उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, और उनके कठिन परिश्रम से हासिल किए गए कार्यों को कमतर आंक रहे हैं। शिंदे जी अपने जीवन में रिक्शा चलाने जैसे साधारण पेशे से शुरूआत करके आज अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर इतने ऊंचे मुकाम तक पहुंचे हैं।" 

 कंगना यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने अपनी बात को और विस्तार से रखा। कुणाल कामरा पर तीखा तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपनी जिंदगी में कुछ ठोस या उल्लेखनीय हासिल नहीं कर पाते, और इसलिए सस्ती शोहरत और तात्कालिक प्रसिद्धि पाने के लिए इस तरह के निम्नस्तरीय हथकंडों का सहारा लेते हैं। उन्होंने आगे कहा, "ये लोग आखिर हैं कौन? ये वही लोग हैं जो अपनी जिंदगी में कोई बड़ा लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहे हैं। अगर आपके पास लिखने की प्रतिभा और क्षमता है, तो साहित्य के क्षेत्र में कुछ रचनात्मक और मूल्यवान रचें। लेकिन कॉमेडी के नाम पर गाली-गलौज करना, हमारे पवित्र ग्रंथों और सांस्कृतिक धरोहर का मजाक उड़ाना, लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, माताओं-बहनों का अपमान करना—यह सब क्या दर्शाता है? हमारा समाज आखिर किस दिशा में जा रहा है? यह सब कुछ महज दो मिनट की क्षणिक शोहरत और सुर्खियां बटोरने के लिए किया जा रहा है। हमें यह समझना चाहिए कि हम जो कुछ भी बोलते हैं या करते हैं, उसकी पूरी जिम्मेदारी हमें स्वयं उठानी पड़ती है, और इसके परिणामों का सामना करना पड़ता है।"

Read This Also:- कुछ अमीर लोग मिडिल क्लास होने का अच्छा नाटक करते है, ‘नया भारत’ में सुधा मूर्ति पर कुणाल कामरा का तंज