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कुछ अमीर लोग मिडिल क्लास होने का अच्छा नाटक करते है, ‘नया भारत’ में सुधा मूर्ति पर कुणाल कामरा का तंज

स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला और उन्हें "गद्दार" कहकर निशाना साधा, जिसके बाद से राज्य में |

कुछ अमीर लोग मिडिल क्लास होने का अच्छा नाटक करते है, ‘नया भारत’ में सुधा मूर्ति पर कुणाल कामरा का तंज
फोटो: कुछ अमीर लोग मिडिल क्लास होने का अच्छा नाटक करते है, ‘नया भारत’ में सुधा मूर्ति पर कुणाल कामरा का तंज
स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला और उन्हें "गद्दार" कहकर निशाना साधा, जिसके बाद से राज्य में जबरदस्त विवाद छिड़ गया है। इस बीच, उनका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने मशहूर लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति पर तंज कसा है। अपने हालिया 45 मिनट के शो "नया भारत" में कुणाल कामरा ने सुधा मूर्ति की सादगी को लेकर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि सुधा मूर्ति खुद को सादगी और सादापन की जीती-जागती मिसाल बताती हैं, लेकिन इस छवि का प्रचार करने में भी कोई कसर नहीं छोड़तीं। कामरा ने मजाकिया अंदाज में तंज कसते हुए कहा, "जो लोग अमीर हो जाने के बाद भी मिडिल क्लास होने का नाटक करते हैं, उनमें से एक बेहद सम्मानित और महान महिला हैं सुधा मूर्ति। उनकी सादगी ही उनका सबसे बड़ा दावा है। वह इस सादगी को इतना बढ़ावा देती हैं कि इसके ऊपर उन्होंने अब तक 50 किताबें लिख डाली हैं, और हर किताब का मूल मकसद यही है कि वह कितनी साधारण और सरल हैं।"

कामरा ने इसके बाद सुधा मूर्ति के पति और इन्फोसिस के संस्थापक एन. नारायणमूर्ति को भी अपने निशाने पर लिया। नारायणमूर्ति के उस बयान का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति के लिए हफ्ते में 70 घंटे काम करने की वकालत की थी। कामरा ने एक काल्पनिक कहानी बनाकर तंज कसा और कहा, "सुधा मूर्ति बाजार गईं और सस्ते दामों में आम खरीद लाईं। अगर उनकी जगह कोई कॉरपोरेट ड्रेस में सजी-धजी महिला होती, तो उसे वही आम दोगुने दाम पर मिलते।" फिर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "मैंने आम बेचने वाले से बात की, तो उसने बताया कि उस महिला के पास एक बड़ी कंपनी में कॉरपोरेट जॉब है, जिसका नाम है इन्फोसिस। अब आप खुद समझ जाइए कि नारायणमूर्ति क्यों बार-बार कहते हैं कि आपको हफ्ते में 70 घंटे काम करना चाहिए।" इस पूरे मामले पर अभी तक सुधा मूर्ति या नारायणमूर्ति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 इससे पहले, कुणाल कामरा ने मुंबई के खार इलाके में स्थित एक होटल के हैबिटेट क्लब में आयोजित एक स्टैंडअप कॉमेडी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसी शो के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला और उन्हें "गद्दार" कहकर संबोधित किया। कामरा ने एक पैरोडी गाना गाकर शिंदे पर तंज कसा, जिसमें "ठाणे का रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय" जैसी पंक्तियां शामिल थीं। उनकी इस टिप्पणी से शिवसेना समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस विवाद के बाद अब तक उनके खिलाफ दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, और मुंबई पुलिस ने उन्हें जांच के लिए समन भी जारी किया है। इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए फडणवीस ने कुणाल कामरा की टिप्पणियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करार दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "स्टैंडअप कॉमेडी करने की आजादी सबको है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप कुछ भी बोल सकते हैं। यह तय करना जनता का काम है कि असली गद्दार कौन है। कुणाल कामरा को अपने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। अगर उन्होंने हमारे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि को धूमिल करने की कोशिश की, तो इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉमेडी करना उनका अधिकार हो सकता है, लेकिन ऐसी हरकतों को अंजाम देने वाले अर्बन नक्सलियों और लेफ्ट लिबरल्स को सबक सिखाने की जरूरत है।"  फडणवीस ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा।

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