उन्होंने बताया कि इस संयुक्त सैन्य अभियान में पाकिस्तान और पीओके के भीतर नौ आतंकी शिविरों को तबाह किया गया और कई दर्जन आतंकवादियों को मार गिराया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अभियान 7 मई की सुबह शुरू हुआ था, जिसमें भारतीय सेना ने लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया।
सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन पहलगाम हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी।
शुरूआती रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया गया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
इस जवाबी कार्रवाई के बाद, पाकिस्तान ने 7 मई की रात को भारत के विभिन्न सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की असफल कोशिश की। पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक के 15 सैन्य ठिकानों—जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी और भुज—को निशाना बनाया गया।
हालांकि, भारतीय वायुसेना की S-400 'सुदर्शन चक्र' वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड ने समय रहते इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। हमलों का मलबा अब विभिन्न स्थानों से बरामद किया जा रहा है, जो पाकिस्तान की साजिशों की पुष्टि करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बलों ने जिस सटीकता और संयम से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, वह न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रणनीतिक परिपक्वता का भी संकेत है।





