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कुम्भ के पानी को सबसे ज़्यादा दूषित बताने पर हिन्दू परिषद् और BJP ने जताई आपत्ति, गिरफ़्तारी की माँग

समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के एक विवादित बयान के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। सोमवार को जया बच्चन ने कुंभ के पानी को सबसे ज्यादा दूषित |

कुम्भ के पानी को सबसे ज़्यादा दूषित बताने पर हिन्दू परिषद् और BJP ने जताई आपत्ति, गिरफ़्तारी की माँग
फोटो: MahaKumbh, BJP
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के एक विवादित बयान के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। सोमवार को जया बच्चन ने कुंभ के पानी को सबसे ज्यादा दूषित बताया था और आरोप लगाया था कि भगदड़ में मारे गए लोगों की लाशें कुंभ के पानी में फेंकी गई थीं, जिसके कारण पानी की स्थिति खराब हो गई। इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी। इसके बाद, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और कई अन्य धार्मिक संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की और उनके बयान को गलत और असंवेदनशील करार दिया। वीएचपी के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि जया बच्चन को झूठे और भ्रामक बयान देने के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के बयान से समाज में अव्यवस्था फैल सकती है। उन्होंने यह भी कहा, "महाकुंभ एक अत्यधिक पवित्र आयोजन है, जो न केवल आस्था और भक्ति से जुड़ा है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के जीवन का अहम हिस्सा है। यह धार्मिक आयोजन आत्मिक शांति और मोक्ष प्राप्ति का माध्यम है, और इसके बारे में इस तरह के अपमानजनक बयान देना श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।" 

 संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जया बच्चन ने दावा किया कि कुंभ में अब सबसे दूषित पानी मौजूद है। उन्होंने कहा, "कुंभ में मची भगदड़ में जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनके शवों को नदी में फेंक दिया गया, जिससे पानी प्रदूषित हो गया। इस गंभीर मुद्दे पर कोई भी बात नहीं कर रहा, जबकि यह एक बड़ी समस्या है।" साथ ही, उन्होंने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल उठाया और कहा कि वहां सामान्य श्रद्धालुओं के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया, "यह दावा किया जा रहा है कि कुंभ में करोड़ों लोग आ चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोग एक स्थान पर कैसे इकट्ठा हो सकते हैं? यह स्पष्ट रूप से असंभव है।" जया बच्चन का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दिनभर ट्रेंड करता रहा और उनकी टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। 

भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने इसे हिंदू आस्था और कुंभ मेले का अपमान करार दिया, और कई प्रमुख धार्मिक संगठनों ने उनके बयान को गुमराह करने वाला और असंवेदनशील बताया। इन संगठनों ने जया बच्चन से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। भा.ज.पा. नेताओं का कहना है कि जया बच्चन का बयान न केवल धर्म और आस्था के मामले में अनौचित्यपूर्ण था, बल्कि यह समाज में तनाव पैदा करने वाला भी था। इसके अलावा, उनका यह भी कहना था कि ऐसे बयान देने से सिर्फ राजनीति और सांप्रदायिक मतभेदों को बढ़ावा मिलता है, जबकि कुंभ का आयोजन देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को सम्मान देने का अवसर है।

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