गुरुग्राम नगर निगम के 44, मानेसर नगर निगम के 33 और पटौदी के 1 नेता को निष्कासन का सामना करना पड़ा है। इन सभी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह कदम संगठन में अनुशासन और एकता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। BJP नेतृत्व ने काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया। पार्टी के मुताबिक, यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो पार्टी के खिलाफ जाकर चुनावी समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। निकाय चुनावों से पहले ही अनुशासन लागू करने की यह नीति संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कांग्रेस ने भी उठाया बड़ा कदम
सिर्फ बीजेपी ही नहीं, कांग्रेस ने भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं पर कार्रवाई की है। हरियाणा कांग्रेस ने पिछले हफ्ते अपने 7 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन नेताओं को भी 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। निष्कासित नेताओं में करनाल जिला कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और अशोक खुराना, यमुनानगर के वरिष्ठ नेता प्रदीप चौधरी और मधु चौधरी, हिसार के दिग्गज नेता राम निवास रारा, गुरुग्राम से हरविंदर और राम किशन सैन शामिल हैं।
गौरतलब है कि राम निवास रारा और तरलोचन सिंह हाल ही में BJP में शामिल हो चुके हैं। रारा पिछले विधानसभा चुनाव में हार गए थे, जबकि तरलोचन सिंह को 2019 के विधानसभा चुनावों में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल सीट से हराया था। सिंह मई 2024 में हुए करनाल उपचुनाव में भी BJP के नायब सिंह सैनी के खिलाफ हार चुके हैं।
Read This Also:- मुख्यमंत्री बंगले का 41 लाख रुपये बिल, RTI से ख़ुलासा, BJP के निशाने पर फिर केजरीवाल
Read This Also:- मुख्यमंत्री बंगले का 41 लाख रुपये बिल, RTI से ख़ुलासा, BJP के निशाने पर फिर केजरीवाल





