धर्म सिंह छौक्कर की कहानी एक पुलिसकर्मी से राजनेता बनने की है। उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ राजनीति का रास्ता चुना और अपने भाई इंदर सिंह छौक्कर की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। इंदर सिंह छौक्कर ने साल 2000 में पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर इनेलो से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। हालांकि, जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय चुनाव लड़े और बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के संपर्क में आकर हजकां में शामिल हो गए। इंदर सिंह की मृत्यु के बाद वर्ष 2008 में धर्म सिंह छौक्कर ने राजनीति में प्रवेश किया।
राजनीतिक करियर की शुरुआत में ही उन्होंने हरियाणा जनहित कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस के उम्मीदवार संजय छौक्कर को हराकर पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने राजनीतिक सक्रियता नहीं छोड़ी।
पांच वर्षों तक लगातार अपने क्षेत्र में काम करने के बाद 2019 में उन्होंने बीजेपी के शशिकांत कौशिक को हराकर समालखा सीट से दोबारा जीत हासिल की। अब, जब उन पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं और गिरफ्तारी हो चुकी है, तो यह मामला न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हरियाणा की राजनीति के लिए भी एक बड़ा झटका है।





