जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ अररिया जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के थलहा नहर के पास शनिवार तड़के करीब 3 बजे हुई थी। एसटीएफ और अररिया पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि चुनमुन झा और उसके साथी इस इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें चुनमुन झा घायल हुआ, और उसे नरपतगंज पीएससी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई, और उसे तुरंत अररिया सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अररिया सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि चुनमुन झा को 6 से 7 गोलियां लगी थीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि कुल कितनी गोलियां लगी थीं। इस मुठभेड़ में एसटीएफ के तीन जवान और नरपतगंज थाना प्रभारी विकास कुमार भी घायल हुए हैं।
इन सभी घायलों का इलाज नरपतगंज अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
मुठभेड़ के बाद अररिया जिले के एसपी अंजनी कुमार, एसडीपीओ राम पुकार सिंह, सीडीपीओ मुकेश शाह और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के आला अधिकारियों ने कहा कि यह एनकाउंटर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा था, और यह घटना पुलिस की कड़ी कार्रवाई और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस ने यह भी बताया कि मुठभेड़ के दौरान भागे हुए अपराधी की तलाश जारी है, और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने के लिए पुलिस का अभियान जारी रहेगा।
चुनमुन झा की मौत के बाद, पुलिस अब उन सभी मामलों की जांच कर रही है, जिनमें वह शामिल था, और उससे जुड़ी अन्य आपराधिक गतिविधियों को भी सामने लाने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि मुठभेड़ में मारे गए अपराधी का सहयोगी फरार हो गया, और उसकी गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया है।
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