पप्पू यादव ने कहा कि बीपीएससी की सीटें बेची जा चुकी हैं और इस धंधे से शिक्षा माफिया, भ्रष्ट अधिकारी और कुछ नेता जमकर फायदा उठा रहे हैं। पप्पू यादव का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में पांच से हजार करोड़ रुपये का खेल हुआ है।
प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान, पटना में खुले आसमान के नीचे अनशन पर बैठकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। वह अपने समर्थकों के साथ रातभर वहीं डटे रहे और उनकी मांगों को लेकर अनशन जारी रखा। उनके अनशन के समर्थन में कई जिलों से छात्र और जन सुराज कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुंच रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब सरकार और बीपीएससी के अधिकारी मिलकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उनका यह भी आरोप है कि यह सब शिक्षा माफिया के दबाव में हो रहा है, जो हर एक सीट के लिए 30 लाख से 2 करोड़ रुपये तक की डील कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को इस बारे में सबकुछ पता है, लेकिन वे जानबूझकर इस मुद्दे को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें वह छात्रों से कहते थे, "डिग्री लाओ, नौकरी पाओ," लेकिन अब उन्होंने यह संदेश बदल दिया है कि "पैसे लाओ, नौकरी पाओ।" किशोर ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तो उनका अनशन जारी रहेगा, और वे सरकार पर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाएंगे।
इसके अलावा, पप्पू यादव ने यह भी बताया कि बीपीएससी की सीटों का बाजार बन चुका है, जिसमें भ्रष्टाचार का कोई अंत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस घोटाले में शिक्षा माफिया और कुछ नेता पूरी तरह से शामिल हैं, जो बच्चों और छात्रों के भविष्य के साथ समझौता कर रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि इस मुद्दे पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि बिहार में इस तरह के भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
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