बैठक के बाद पार्टी नेता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं को जानकारी दी कि कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शामिल होंगे, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय संकट है जिसमें निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया है।" खेड़ा ने कहा कि इस गंभीर हमले के सभी राजनीतिक, रणनीतिक और सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा के लिए सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई थी। "आज सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा देश इन निहत्थे पर्यटकों के लिए न्याय की उम्मीद कर रहा है। यह हमला सिर्फ एक क्षेत्रीय त्रासदी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पीड़ा है।"
इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "22 अप्रैल की रात को ही कांग्रेस पार्टी ने पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के मद्देनजर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस राष्ट्रीय संकट में सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर एक सामूहिक संकल्प बनाए।" सूत्रों के अनुसार, संसद परिसर में शाम 6 बजे होने वाली इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। एनडीए के घटक दल शिवसेना की ओर से सांसद श्रीकांत शिंदे बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब मंगलवार को बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। यह हमला 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद घाटी में अब तक का सबसे घातक हमला बताया जा रहा है। हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वे हेलीकॉप्टर से बैसरन मैदान पहुँचे और हवाई निरीक्षण के बाद घटनास्थल पर उतरकर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया।





