उन्होंने कहा, "पहलगाम को अत्यधिक सुरक्षा वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद ऐसा हमला होना चिंता का विषय है। यह केंद्र शासित प्रदेश है, जिसकी सुरक्षा सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक की गहराई से जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।"
वेणुगोपाल ने यह भी जोड़ा कि, "केवल इसी रास्ते से हम उन परिवारों को न्याय दिला सकते हैं, जिनकी ज़िंदगी इस हमले से उजड़ गई है।"
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने हमले की रात को ही प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। यह बैठक आज शाम संसद परिसर में आयोजित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार से विशेष सतर्कता बरतने की मांग की है। वेणुगोपाल ने कहा, "हर साल लाखों तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा में भाग लेते हैं। उनकी सुरक्षा राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जो पर्यटन पर निर्भर हैं।"
गौरतलब है कि इस आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाए हैं। इनमें अटारी बॉर्डर को बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से निलंबित करना, 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश, और दोनों देशों के उच्चायुक्तों में अधिकारियों की संख्या सीमित करना शामिल हैं।





