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Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़, नासा द्वारा साझा की गई खूबसूरत तस्वीर

प्रयागराज में इस समय भव्य महाकुंभ का आयोजन चल रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अवसर है। पूरे देश और दुनिया से साधु-संतों, श्रद्धालुओं और कलपवासियों |

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़, नासा द्वारा साझा की गई खूबसूरत तस्वीर
फोटो: Prayagraj Mahakumbh, CM Yogi
प्रयागराज में इस समय भव्य महाकुंभ का आयोजन चल रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अवसर है। पूरे देश और दुनिया से साधु-संतों, श्रद्धालुओं और कलपवासियों का जमावड़ा संगम में हुआ है। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आकर आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, और महाकुंभ का नजारा सचमुच देखते ही बन रहा है। इस मौके पर नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से एक अनोखी तस्वीर साझा की, जिसमें संगमनगरी को रात के समय प्रकाश से सजी हुई देखा जा सकता है। 

यह तस्वीर दर्शाती है कि महाकुंभ का उत्सव किस कदर प्रगति कर रहा है और कैसे यह विशाल धार्मिक आयोजन प्रयागराज को विश्वभर में एक प्रमुख स्थान बना रहा है। गणतंत्र दिवस पर, 1.74 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई, जिससे महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या अब 13.21 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इसके अलावा, लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं ने कल्पवास करने का संकल्प लिया है।

 शनिवार तक महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या 11.47 करोड़ से ऊपर जा चुकी थी। महाकुंभ 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला एक विशाल धार्मिक मेला है, जो इस बार 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक 45 दिनों तक चलेगा, और इस दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान करने और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, महाकुंभ में एक और अद्भुत दृश्य का अनुभव श्रद्धालुओं को हुआ। शुक्रवार को संगम की रेती पर ड्रोनों के जरिए एक शानदार शो आयोजित किया गया। इस शो में लगभग 2500 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और 12 मिनट के इस शो में श्रद्धालुओं को एक शानदार दृश्य देखने को मिला। 

इस शो की शुरुआत सागर मंथन के दृश्य से हुई, जिसमें देवता और दानव दोनों को एक साथ दिखाया गया। फिर सागर मंथन की प्रक्रिया के दौरान एक-एक कर 14 रत्नों का उभरना दिखाया गया। इसके बाद, जब विष निकला, तो भगवान शिव ने उसे पी लिया, और फिर अमृत का निकलना शुरू हुआ, जिसे भगवान विष्णु ने देवताओं को पान कराया। इस अद्भुत दृश्य के अंत में यह दर्शाया गया कि कैसे अमृत की बूंदें धरती पर गिरीं और कुम्भ और महाकुंभ मेले की शुरुआत हुई।

 यह शो पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित किया गया था, और इसे मेरठ के पुष्पक गुप्ता की कंपनी ने प्रस्तुत किया। यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें चकाचौंध हो गईं, और उन्होंने इस यादगार पल को कैमरे में कैद किया। महाकुंभ के दौरान इस तरह के अद्भुत दृश्य न केवल श्रद्धालुओं के आस्था को और मजबूत करते हैं, बल्कि यह आयोजन प्रयागराज को एक वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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