भूपेश बघेल के घर छापा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध
भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उनके घर के बाहर एकत्र हो गए और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“अडानी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। उन्हें खुश करने के लिए मोदी और शाह ने मेरे आवास पर ईडी भेजी है। हम डरने वाले नहीं हैं, न झुकेंगे। विपक्षी नेताओं को टारगेट करना सरकार की आदत बन चुकी है।”
ईडी द्वारा की जा रही जांच छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ी है। 30 जून को दाखिल की गई चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के अनुसार, घोटाले की कुल राशि 3,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इस घोटाले में अब तक 29 आबकारी अधिकारी आरोपी बनाए जा चुके हैं, जिनमें कई रिटायर्ड अफसर भी शामिल हैं।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में एक संगठित शराब सिंडिकेट सक्रिय था। इसमें तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, अफसर अनिल टुटेजा समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल थे।
इस सिंडिकेट ने डिस्टिलर्स से रिश्वत लेकर उन्हें तय बाजार हिस्सेदारी दी, सरकारी शराब दुकानों से बिना रिकॉर्ड देशी शराब बेची गई और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल भी इसी नेटवर्क का हिस्सा थे और उन्हें कथित रूप से करोड़ों रुपये की अवैध राशि प्राप्त हुई। मार्च में ईडी ने चैतन्य के ठिकानों पर छापेमारी कर 30 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।





