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डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में उबाल, सभी 50 राज्यों में विरोधी प्रदर्शन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों, टैरिफ युद्धों और इमिग्रेशन संबंधी फैसलों के खिलाफ पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में उबाल, सभी 50 राज्यों में  विरोधी प्रदर्शन
फोटो: डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में उबाल, सभी 50 राज्यों में विरोधी प्रदर्शन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आलोचनाओं के केंद्र में हैं। उनकी व्यापारिक नीतियों, टैरिफ युद्धों और इमिग्रेशन संबंधी फैसलों के खिलाफ पूरे अमेरिका में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बीते दो दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों के विरुद्ध आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन 

'गुड ट्रबल लाइव्स ऑन' नामक इस राष्ट्रव्यापी विरोध अभियान ने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शनकारियों ने मैनहैटन स्थित फेडरल प्लाज़ा के पास इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के कार्यालय के सामने चौराहे पर बैठकर धरना दिया और रास्ता अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘गुड ट्रबल’ के नारे वाले पोस्टर और तख्तियां थीं, जो ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों, स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती और नागरिक अधिकारों पर हमलों का विरोध कर रही थीं।

इस आंदोलन का नाम अमेरिकी कांग्रेस सदस्य और नागरिक अधिकारों के दिग्गज नेता जॉन लुईस के उस प्रसिद्ध बयान से लिया गया है जिसमें उन्होंने लोगों से "Good Trouble, Necessary Trouble" यानी "ज़रूरी और अच्छी परेशानी" में पड़ने का आह्वान किया था। लुईस, जो 'बिग सिक्स' नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं में से एक थे, जीवन भर अहिंसक प्रतिरोध और न्याय के लिए संघर्ष करते रहे। यह आंदोलन उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

1600 स्थानों पर हुआ प्रदर्शन

यह विरोध अभियान अटलांटा (जॉर्जिया), सेंट लुइस (मिसौरी), ओकलैंड (कैलिफोर्निया) और एनापोलिस (मैरीलैंड) सहित करीब 1600 स्थानों पर आयोजित किया गया। विरोध का केंद्र ट्रंप की कठोर इमिग्रेशन नीतियां, स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती और प्रशासनिक स्तर पर बढ़ती अराजकता थी। आयोजकों ने इसे ट्रंप सरकार के "लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के उल्लंघन" के खिलाफ जन-जागृति बताया।  विरोध में शामिल पब्लिक सिटीजन संगठन की सह-अध्यक्ष लीसा गिल्बर्ट ने कहा, "हम अपने देश के इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं। लोकतंत्र की नींव पर जिस तरह से चोट की जा रही है, हम सब उसका विरोध कर रहे हैं।" उनके मुताबिक, यह आंदोलन नागरिकों के उस अधिकार की रक्षा के लिए है, जो ट्रंप प्रशासन की नीतियों से खतरे में पड़ गया है।