भारत में हर 10 वर्ष में जनगणना कराई जाती है, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में प्रस्तावित जनगणना को स्थगित कर दिया गया था। अब यह प्रक्रिया 2025 में शुरू होगी। इस बदलाव के साथ अगली जनगणना अब 2035 में कराई जाएगी। जनगणना का आयोजन दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में से एक है, जिसका संचालन रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर करते हैं, जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत हैं।
जनगणना 2027 को दो चरणों में पूर्ण किया जाएगा।
पहला चरण अक्टूबर 2026 तक संपन्न होगा।
दूसरा और अंतिम चरण एक मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा।
इसी दिन की मध्यरात्रि को जनगणना की संदर्भ तिथि (Reference Date) माना जाएगा। इसी तिथि तक की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति के आंकड़े दर्ज किए जाएंगे, जिनका उपयोग आगे नीतियों और योजना निर्माण में किया जाएगा।
जनगणना की पूरी प्रक्रिया 21 महीनों में पूर्ण होगी और मार्च 2027 में इसका प्राथमिक डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है, जबकि विस्तृत आंकड़े दिसंबर 2027 तक आने की संभावना है। इसके बाद 2028 में लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
ऐसे में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को भी इसी अवधि में लागू किया जा सकता है, और 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की नई संरचना सामने आ सकती है।





