किसानों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आप दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ऐसा लगता है कि देश के अन्नदाताओं के खिलाफ अब दो किसान विरोधी पार्टियों ने हाथ मिला लिया है! पहले पंजाब सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया और फिर उन्हें जबरन धरना स्थल से हटा दिया।"
खड़गे ने पंजाब पुलिस द्वारा वरिष्ठ किसान नेताओं जगजीत सिंह दल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को जबरन हिरासत में लेने की निंदा करते हुए कहा कि "भाजपा और आप दोनों ही सत्ता के अहंकार में चूर हैं, लेकिन किसानों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को देश का 62 करोड़ किसान समुदाय कभी माफ नहीं करेगा।"
भाजपा के खिलाफ कांग्रेस का हमला
खड़गे ने केंद्र की भाजपा सरकार को किसानों के खिलाफ दमनकारी नीतियों के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "देश भूला नहीं है कि भाजपा राज में मंदसौर (मध्य प्रदेश) में किसानों पर गोलियां चलाई गई थीं। मोदी सरकार के एक मंत्री के बेटे ने लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचला था। 2015 में एक किसान ने अरविंद केजरीवाल की रैली में खुद को फांसी लगा ली थी और वह मूकदर्शक बने रहे।"
उन्होंने आगे कहा कि "चाहे मोदी जी का एमएसपी [न्यूनतम समर्थन मूल्य] का वादा हो या आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली में कृषि कानूनों को लागू करने की जल्दबाजी, इन दोनों पार्टियों ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है।"
संसद परिसर में पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने किसानों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता सुखजिंदर रंधावा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरजीत औजला और धर्मवीर गांधी ने संसद के मकर द्वार के बाहर पंजाब की आप सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून की किसानों की मांग के समर्थन में तख्तियां पकड़ी हुई थीं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा के साथ मिले हुए हैं और किसानों के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं।
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