ट्रंप पर हमले का जिक्र
पिछले साल ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मैंने उसी दृढ़ निश्चयी और अडिग ट्रंप को देखा, जो मेरे साथ स्टेडियम में चल रहे थे। गोली लगने के बावजूद उनका समर्पण अमेरिका के लिए अटल रहा।" प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैं व्हाइट हाउस में दाखिल हुआ, ट्रंप ने औपचारिक प्रोटोकॉल तोड़ दिया और मुझे खुद व्हाइट हाउस का दौरा कराया। उनके पास कोई नोट्स या सहायक नहीं था, फिर भी उन्होंने अमेरिकी इतिहास और राष्ट्रपति भवन की बारीकियां विस्तार से समझाईं। यह उनकी नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति सम्मान को दर्शाता है।” पीएम मोदी ने बताया कि ट्रंप ने हमेशा उनकी मित्रता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "बाइडेन प्रशासन के दौरान जब भी कोई हम दोनों को जानने वाला उनसे मिला, ट्रंप ने हमेशा कहा—‘मोदी मेरे मित्र हैं, उन्हें मेरा अभिवादन कहना।’ यह दुर्लभ है और हमारी गहरी मित्रता को दर्शाता है।”
भारत-चीन संबंधों पर मोदी की राय
पीएम मोदी ने भारत-चीन संबंधों पर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, “2020 की सीमा घटनाओं के कारण हमारे संबंधों में तनाव आया, लेकिन हालिया बैठक के बाद स्थिति सामान्य हो रही है। हम 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन की सभ्यताएं प्राचीन हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे से सदियों तक सीखा है। “एक समय पर, भारत और चीन मिलकर दुनिया की GDP का 50% से अधिक योगदान देते थे। हमारा संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है और इसे भविष्य में भी बनाए रखना आवश्यक है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “दो पड़ोसी देशों के बीच असहमति स्वाभाविक है, लेकिन हमारा ध्यान इन मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने पर है। संवाद से ही स्थिर और लाभदायक संबंध बनाए जा सकते हैं।”
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