इससे पहले, दो घंटे के स्थगन के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, मेहराज मलिक और कई अन्य विधायकों ने बीजेपी विधायकों द्वारा कथित हमले का मुद्दा उठाया। सदन की कार्यवाही की तस्वीरों में मलिक को मेज पर खड़े होकर चर्चा की मांग करते देखा गया। लगातार विरोध के चलते अंततः विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मेहराज मलिक ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया, तो भाजपा ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
"हम विधानसभा में शराब की बिक्री को लेकर सवाल उठा रहे थे। वर्षों से भाजपा सत्ता में है, तब उन्हें धर्म की चिंता नहीं हुई? माता वैष्णो देवी जैसे धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानें बहुत पहले बंद की जा सकती थीं।" AAP विधायक ने NC पर भी सवाल उठाए और कहा कि जो विधायक तीन दिन से सदन में हंगामा कर रहे थे, वो आज चुप रहे।
"जब मुझ पर हमला हुआ, तब कोई नहीं बोला। सदन में सन्नाटा था। यह दुखद है। मैं शुरू से कह रहा हूं कि यहां कुछ समझ नहीं आ रहा कि हो क्या रहा है।"
सैनिकों, युवाओं और बेरोजगारी पर उठाए सवाल
मलिक ने जम्मू-कश्मीर के संविदा कर्मियों की स्थायी नियुक्ति, युवाओं को रोजगार देने और नशाखोरी जैसे गंभीर मुद्दों को भी सदन में उठाया।
"हमने प्रस्ताव रखा था कि कैजुअल मजदूरों को स्थायी किया जाए, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। कोई यह नहीं पूछता कि युवाओं को बेहतर रोजगार कैसे मिलेगा।"
उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा,
"पुलिस भाजपा के अधीन है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मैंने नियमों के तहत एक प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाया, और मुझ पर हमला हो गया।"
इससे पहले AAP विधायकों की ओर से एक कथित टिप्पणी को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि हिन्दू समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
"उन्होंने कहा कि ‘हिंदू तिलक लगाकर पाप करता है, चोरी करता है, शराब पीता है।’ यह हिन्दुओं का अपमान है और हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
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