इसके बाद नीतीश कुमार भी खड़े हुए और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर किसी भी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है तो वह करेंगे, और कोमल हत्याकांड पर भी कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि वे शांति बनाए रखें और सदन को चलने दें। जब विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा जारी रखा, तो नीतीश कुमार ने अपना रुख और भी कड़ा कर लिया।
मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "आज तक आपने किसी के लिए कोई काम नहीं किया। जब आप सत्ता में थीं, तो आपके राज में हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद बढ़ते गए। जब हम सत्ता में आए, तो हमने विकास कार्य शुरू किया और समाज में शांति बनाने का प्रयास किया। आप सिर्फ बोलते हैं, लेकिन काम कुछ नहीं करते। जनता सब समझती है और आपके झूठ को पहचानती है।" उन्होंने आगे कहा, "आपने तो कभी जनता की भलाई के लिए काम नहीं किया, आप लोग सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए राजनीति करते हैं।"
नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी से सख्त शब्दों में कहा, "आपके क्या हाल थे? आप कउची के लिए मुख्यमंत्री बनीं। जब आपके पति को हटाया गया, तो आप मुख्यमंत्री बन गईं। फिर घर के किसी सदस्य को मुख्यमंत्री बना दिया। क्या यह राजनीति है?"
इस तकरार के बाद, राबड़ी देवी ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में आए दिन बलात्कार, हत्या और अन्य अपराध की घटनाएं हो रही हैं, और सरकार इन अपराधों को रोकने में नाकाम हो रही है। उन्होंने कहा कि कागजों में अपराध नियंत्रण का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बिहार में अब महाजंगलराज की स्थिति बन चुकी है, और सरकार की कोई सख्त नीति नहीं दिखाई देती।
राबड़ी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग जानबूझकर नीतीश कुमार को उकसा रहे हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सियासी संग्राम ने विधानमंडल में एक नया मोड़ लिया, और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगाई।
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