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भारत में ओजोन प्रदूषण के स्तर में चिंताजनक वृद्धि, दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित- सीएसई

दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और लोधी कॉलोनी, मुंबई में नेवी नगर, कोलकाता में फोर्ट विलियम, हैदराबाद में कपरा, बेंगलुरु में बीएमटी लेआउट, चेन्नई में वेलाचेरी, पुणे में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय, लखनऊ में गोमती नगर और अहमदाबाद में मणिनगर ओजोन

भारत में ओजोन प्रदूषण के स्तर में चिंताजनक वृद्धि, दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित- सीएसई
फोटो: भारत में ओजोन प्रदूषण के स्तर में चिंताजनक वृद्धि, दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित- सीएसई
भारतीय शहरों में ओजोन प्रदूषण के स्तर में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित है। इस बात का खुलासा दिल्ली स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर एनवायरनमेंट(सीएसई) ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारत के दस प्रमुख शहरी क्षेत्रों में ग्राउंड-लेवल पर ओज़ोन का स्तर काफी बढ़ा है। जिससे इन क्षेत्रों में हवा काफी जहरीली हो गई है। दिल्ली स्थिति डॉ.करणी सिंह शूटिंग रेंज और लोधी कॉलोनी सबसे ज्यादा प्रभावित है।


दिल्ली एनसीआर में 176 दिन ग्राउंड-लेवल ओजोन स्तर अधिक रहा

सीएसई की छह अगस्त को जारी रिपोर्ट में दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई और पुणे के आलावा ग्रेटर अहमदाबाद, ग्रेटर हैदराबाद, ग्रेटर जयपुर और लखनऊ में ओज़ोन प्रदूषण का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के अनुसार इस साल दिल्ली एनसीआर में 176 दिन ग्राउंड-लेवल ओजोन स्तर सामान्य से अधिक रहा। वहीं मुंबई और पुणे में यह स्थिति 136 दिन और जयपुर में 126 दिन रही है। हैदराबाद में 86, कोलकाता में 63, बेंगलुरु में 59, लखनऊ में 41 और चेन्नई में नौ दिन ओजोन स्तर सामान्य से अधिक रहा।

दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और लोधी कॉलोनी, मुंबई में नेवी नगर, कोलकाता में फोर्ट विलियम, हैदराबाद में कपरा, बेंगलुरु में बीएमटी लेआउट, चेन्नई में वेलाचेरी, पुणे में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय, लखनऊ में गोमती नगर और अहमदाबाद में मणिनगर ओजोन प्रदूषण के हॉटस्पॉट रहे।

रिपोर्ट के अनुसार इस साल दस में से सात शहरों में 2023 की तुलना में कहीं अधिक दिन ग्राउंड लेवल ओजोन का स्तर ख़राब रहा। अहमदाबाद में सबसे ज्यादा उछाल आया है, यहां 4,000 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं पुणे में 500 फीसदी, जबकि जयपुर में 152 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके अलावा हैदराबाद में 115 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।


क्या है ग्राउंड-लेवल ओज़ोन गैस


सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने बताया, “ग्राउंड-लेवल ओजोन एक प्रतिक्रियाशील गैस है। जो स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। यह सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसके साथ ही बुजुर्ग और मासूम बच्चे, जिनके फेफड़ों का विकास पूरी तरह नहीं हुआ है, उन पर गहरा असर डालती है। इसकी वजह से श्वसन पथ में सूजन और अन्य तरह का नुकसान हो सकता है।”

दरअसल, ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणु से बनी गैस है। ओजोन पृथ्वी के वायुमंडल और जमीन दोनों जगह पाई जाती है। अच्छी ओजोन वायुमंडल में स्वाभाविक रूप से पाई जाती है। जो वायुमंडल में सुरक्षात्मक परत बनती है और पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। लेकिन इस लाभकारी ओजोन पर मानव निर्मित केमिकल द्वारा नुकसान पहुंचा रहा है। जिसे कभी कभी ओजोन छेद के रूप में जाना जाता है। इसके विपरीत जमीन स्तर पर पाई जाने वाली ओजोन खराब होती है, क्योंकि यह स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है।