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Telangana Rising Summit: CBN-Revanth की दोस्ती और निवेश की नई उम्मीदें।

तेलंगाना राज्य में आयोजित Telangana Rising Global Summit 2025 का शुभारंभ हो चुका है। यह समिट दो दिन (8 और 9 दिसंबर) तक चलेगी और इसके आयोजन स्थल है।

Telangana Rising Summit: CBN-Revanth की दोस्ती और निवेश की नई उम्मीदें।
फोटो: Telangana Rising Summit

Telangana Rising Summit: हैदराबाद में ग्लोबल समिट की शुरुआत, 44 देशों से प्रतिनिधि उपस्थित


तेलंगाना राज्य में आयोजित Telangana Rising Global Summit 2025 का शुभारंभ हो चुका है। यह समिट दो दिन (8 और 9 दिसंबर) तक चलेगी और इसके आयोजन स्थल है Bharat Future City — जो हैदराबाद के पास स्थित है। समिट को लेकर तैयारियाँ पिछले कई हफ्तों से चल रही थीं, और अब केंद्र एवं राज्य-स्तरीय अधिकारियों, मंत्री, निवेशकों, उद्योगपतियों और विदेशों से आए प्रतिनिधियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था की गई है।

सरकार के अनुसार, इस समिट में लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें से 154 प्रतिनिधि 44 देशों से आए हैं। इस प्रकार यह समिट सिर्फ राज्य या देश तक सीमित नहीं है — बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेलंगाना की अर्थव्यवस्था, संस्कृति, संभावनाएं और निवेश-परिसर को दुनिया के सामने पेश करने का एक जरिया है।

समिट के दौरान, राज्य सरकार अपने विस्तृत विकास रोडमैप और निवेश अवसरों को प्रस्तुत कर रही है। इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत है कि यहाँ कई क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की योजना है — चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर हो, सूचना-प्रौद्योगिकी हो, हरित ऊर्जा, कृषि, पर्यटन, फिल्म या संस्कृति।

CBN-Revanth एक दूसरे को मिले शुभकामनाएं, समन्वय का उदाहरण


इस समिट की राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी बात यह रही कि पूर्व आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री Chandrababu Naidu (CBN) और वर्तमान तेलंगाना मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy — दो भिन्न राज्य-नेताओं — ने एक दूसरे को सार्वजनिक रूप से समर्थन और शुभकामनाएं दीं। CBN ने अपने ट्विटर/X उस पोस्ट में लिखा कि उन्हें शुभकामनाएँ दीं कि “Telangana Rising Global Summit 2025” सफल हो। यह प्रतिक्रिया तुरंत Revanth Reddy की ओर से आई, जिन्होंने CBN का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे इस समिट को “विश्व स्तरीय निवेश और विकास मंच” बनाना चाहते हैं।

इस प्रकार, Telangana Rising Summit न सिर्फ एक आर्थिक या निवेश-समारोह है, बल्कि यह राजनीतिक संवाद और मेल-जोल का एक प्रतीक भी बन गया है। दोनों तेलुगू राज्यों के नेताओं के बीच यह दोस्ताना संपर्क — विकास और निवेश को लेकर — यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक और सामाजिक विकास को केंद्र में रखा जा रहा है। यह समन्वय, किसी बड़ी साझेदारी के लिए आधार हो सकता है, जिससे AP (आंध्र प्रदेश) और Telangana दोनों राज्यों को मिलकर लाभ हो सके।

निवेश, स्वरोजगार और भविष्य की दिशा — Vision 2047 का वादा


Telangana Rising Summit का सार है — भविष्य की दिशा तय करना। इस दौरान राज्य सरकार न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रही है, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार, नवाचार और टिकाऊ विकास के लिए बड़े दायरे में योजनाओं का प्रस्ताव कर रही है।

समिट में प्रस्तुत किए जाने वाले Telangana Rising 2047 Vision Document में राज्य की दीर्घकालीन योजना शामिल है — जो तेलंगाना को अगले दशकों में विश्व-स्तरीय निवेश केंद्र बनाने का लक्ष्य रखती है। इस विज़न डॉक्यूमेंट के अनुसार, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश, हरित प्रौद्योगिकी, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक उद्योगों को बढ़ावा देने की रूपरेखा तैयार की गई है।

सरकार का कहना है कि इस समिट के द्वारा निवेशकों और उद्योगपतियों को एक स्पष्ट और आकर्षक निवेश-परिसर प्रस्तुत किया जाएगा — जिससे नई फर्में आएँगी, नए रोजगार पैदा होंगे, और युवा, स्वरोजगार या उद्योग शुरू कर सकेंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों, युवाओं, महिलाओं सहित आम जनता के लिए अवसर बढ़ेंगे।

इसके अलावा, समिट के अंतर्गत एक सांस्कृतिक-विकास पहल भी शुरू की गई है — Film in Telangana Showcase, जिसके तहत फिल्म और मीडिया इंडस्ट्री को तेलंगाना में बढ़ावा मिलेगा। इस पहल में देश-विदेश के फ़िल्म निर्माता, कलाकार, OTT प्लेटफार्म के लोग शामिल होंगे, जिससे तेलंगाना को क्रिएटिव इंडस्ट्री में भी एक बड़ा मंच मिलने की संभावना बन रही है।

सरकार का यह दावा है कि Telangana Rising Summit सिर्फ एक इवेंट नहीं — बल्कि तेलंगाना के भविष्य की रूपरेखा है। अगर इन वादों और योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया, तो समिट के बाद तेलंगाना का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य बदल सकता है।

चुनौतियाँ, संदेह और आलोचनाएँ


हालाँकि Telangana Rising Summit और इसके लक्ष्यों की व्यापक रूप से प्रशंसा हो रही है, कुछ आलोचनाएँ भी सामने आई हैं। विपक्ष और कुछ विश्लेषकों ने इस समिट को सिर्फ दिखावे, PR या “इमेज बिल्डिंग” करार दिया है।

कुछ का कहना है कि जब तक राज्य की बुनियादी समस्याएँ — जैसे गरीबी, रोजगार असुरक्षा, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी — हल नहीं होतीं; तब तक बड़े घोषणाएँ सिर्फ वादे ही रह जाएँगी। Critics warn कि समिट से पहले सरकार को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करनी चाहिए।

फिर भी, सरकार का दावा है कि वे समिट के साथ साथ धरातलीय काम — सुविधाएँ, पॉलिसी सुधार, निवेश आकर्षण, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर — पर पूरी तरह काम कर रही है। अगर इस दिशा में ठोस कदम लिए गए, तो Telangana Rising Summit सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।