सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश
हवाई किरायों में हुई भारी वृद्धि को लेकर दायर पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता को दो टूक जवाब दिया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में बताया कि विमान का किराया 700 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जो कि एक आवश्यक सेवा के लिए अस्वीकार्य है।
इस पर जज जे विक्रमनाथ ने कहा, "मत करिए हवाई यात्रा। चलिए आगे बढ़िए, अगला केस।" इस निर्देश से स्पष्ट है कि कोर्ट ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और याचिकाकर्ता को आगे बढ़ने का सुझाव दिया।
सरकार का नया विमानन नियम
केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम 2026 के तहत एक नया गजेट जारी किया है, जिसमें विमान किरायों को निर्धारित करने में कंपनियों को छूट दी गई है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि अपरिहार्य स्थितियों में वह निर्देश जारी कर सकती है।
ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। इन नियमों के अनुसार एयरलाइन्स को किराया बढ़ाने के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उन्हें टिकट के दाम निर्धारित करने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।





