दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। मंच पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और संजय राउत सहित गठबंधन के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। रैली में वक्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाए। कार्यक्रम के दौरान मैदान में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस सहित कई पार्टियों के झंडे नजर आए।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रैली में शामिल लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कुछ लोगों ने मध्य प्रदेश में करीब दो लाख वोट कटने का दावा किया, जबकि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में नामों में बदलाव का उदाहरण भी दिया गया।
एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में बदलाव कर विपक्ष और मुख्य न्यायाधीश की भूमिका सीमित की गई। रैली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे प्रदर्शनकारी
रैली में मध्य प्रदेश के सतना सहित अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए दिल्ली आए हैं। वहीं, किसान कांग्रेस से जुड़े एक कार्यकर्ता ने रोजगार के वादों, किसानों की समस्याओं और सामाजिक विभाजन का मुद्दा उठाया।
दिल्ली के कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से देश के सामाजिक और राजनीतिक माहौल में बदलाव महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों का एक मंच पर आना लोकतांत्रिक आवाज को मजबूती दे सकता है।
विपक्ष की एकजुटता और संवैधानिक संस्थाओं पर बहस
रैली में वक्ताओं ने चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संस्थाओं पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा है। संसद में सांसदों के निलंबन और चुनाव आयुक्त से जुड़े कानून को लेकर भी सवाल उठाए गए।
लोकतंत्र और संविधान बचाने का संदेश
पूरे कार्यक्रम में ‘लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और देश बचाओ’ जैसे नारे सुनाई दिए। INDIA गठबंधन के नेताओं ने समर्थकों के बीच एकजुटता का संदेश दिया। रैली में उठे आरोपों और मांगों ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस को फिर केंद्र में ला दिया।





