शशि थरूर ने एक्स पर लिखा कि उनके पास आलोचकों के लिए समय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल आतंकवादी हमलों के जवाब में की गई सैन्य कार्रवाईयों तक सीमित था, न कि युद्धों या सैन्य इतिहास पर। उनके बयान में उन हाल के वर्षों के हमलों का जिक्र था, जिनके दौरान भारत ने संयमित प्रतिक्रिया दी है।
थरूर ने आगे बताया कि पनामा में लंबे और व्यस्त कार्यक्रम के बाद, वे आधी रात को निकलकर छह घंटे बाद कोलंबिया के बोगोटा जा रहे थे, इसलिए इस विवाद पर अधिक समय नहीं दे पा रहे। उन्होंने कट्टरपंथियों को संदेश दिया कि उनके बयान का संदर्भ पिछले युद्धों से नहीं, बल्कि हाल की घटनाओं से है। उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह आलोचक और ट्रोल उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास बेहतर काम हैं।
कांग्रेस के भीतर भी इस बयान पर मतभेद सामने आए। पार्टी के वरिष्ठ नेता उदित राज ने शशि थरूर पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि वे “बीजेपी के सुपर प्रवक्ता” बन गए हैं। उदित राज ने कहा था कि जो बातें बीजेपी नेता नहीं कह पाते, उन्हें थरूर कह रहे हैं, जिससे पार्टी में असहमति बढ़ी है।





