जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े पर क्या बोले संजय राउत
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ सांसद संजय राउत ने इस घटनाक्रम को साधारण न मानते हुए कहा,
"उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा कोई सामान्य घटना नहीं है। जहां तक मैं उन्हें जानता हूं, वे कभी मैदान छोड़ने वाले व्यक्ति नहीं रहे। वे लड़ाकू स्वभाव के हैं। उनकी सेहत भी एकदम ठीक है — कल ही मैंने उन्हें देखा। लगता है दिल्ली की राजनीति में परदे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है। सितंबर में कुछ बड़ा होने वाला है।"
संसद में उनके अध्यक्ष रहते हुए बोलने वाला आखिरी सांसद था- राघव चड्ढा
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी इस घटनाक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, "माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं क्योंकि वे 'चिकित्सा कारणों' का हवाला देते हुए पद छोड़ रहे हैं।"
चड्ढा ने यह भी उल्लेख किया कि संयोग से, मैं संसद में उनके अध्यक्ष रहते हुए बोलने वाला आखिरी सांसद था। पिछले बुधवार को मुझे उनके सरकारी आवास पर उनसे मिलने का अवसर मिला था।"
चड्ढा ने अपनी इस मुलाकात की तस्वीरें भी साझा की हैं।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित अपने इस्तीफे में लिखा, "स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने हेतु, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।"
धनखड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति आभार प्रकट करते हुए लिखा:
"मुझे प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का जो सहयोग व समर्थन मिला, वह मेरे लिए अमूल्य रहा। मैंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ सीखा है।" धनखड़ ने कहा कि संसद के सभी सदस्यों से मुझे जो गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा मेरी स्मृति में रहेगा।"
उन्होंने अपने कार्यकाल को भारत की प्रगति से जोड़ते हुए कहा,
"इस परिवर्तनशील कालखंड में देश की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और विकास यात्रा का साक्षी बनना गर्व का विषय है।"





