मानसून सत्र: पाकिस्तान की भाषा न बोले विपक्ष- रिजिजू
रिजिजू ने कहा,
"मैं विशेष रूप से कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि वे कोई ऐसा बयान न दें जो भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हो। पाकिस्तान और भारत के शत्रु अक्सर ऐसे बयानों का इस्तेमाल भारत को घेरने के लिए करते हैं। हमें हमारे सशस्त्र बलों का सम्मान बनाए रखना होगा।"
उन्होंने आगे कहा कि देश की सुरक्षा और सामरिक रणनीतियों को लेकर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाज़ी पाकिस्तान को फायदा पहुंचा सकती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर रिजिजू ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए लिखा, "जब रावण ने लक्ष्मण रेखा लांघी थी, तो लंका जल गई थी। जब पाकिस्तान ने भारत की सीमा का उल्लंघन किया, तो उसके आतंकी ठिकानों पर कहर टूट पड़ा।"
यह टिप्पणी उन हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में आई है, जहां भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।लोकसभा में आज जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। यह बहस संसद के मानसून सत्र की सबसे अहम चर्चा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होगी।
चिदंबरम के बयान से गरमाई सियासत
इसी बीच कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकी पाकिस्तान से ही आए थे? क्या एनआईए ने उनकी पहचान की है? हो सकता है हमले में घरेलू आतंकी भी शामिल हों। चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान को छुपा रही है। उन्होंने कहा, "हर युद्ध में दोनों पक्षों को नुकसान होता है। ब्रिटेन ने वर्ल्ड वॉर के दौरान रोजाना अपने नुकसान बताए थे। भारत सरकार को भी ऐसा करना चाहिए।"





