मैंने पांच वर्षों तक कड़ी मेहनत की- मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने मंच से कहा,
“मैं कांग्रेस विधायक दल का नेता था। मैंने पांच वर्षों तक कड़ी मेहनत की, चुनाव में पार्टी को जिताया, फिर भी मुख्यमंत्री नहीं बन सका। एस.एम. कृष्णा को पद दिया गया, जबकि वे हाल ही में पार्टी में आए थे।” स्वामीजी की ओर मुख़ातिब होते हुए खड़गे ने कहा,
“स्वामी जी, मेरी सेवा व्यर्थ चली गई।”
उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक जीवन में लालच नहीं रखना चाहिए, क्योंकि लालच करने पर अक्सर मनचाहा फल नहीं मिलता।
“सत्ता का पीछा मैंने कभी नहीं किया। जो भी मिला, स्वाभाविक रूप से मिला। ब्लॉक स्तर से लेकर AICC अध्यक्ष बनने तक मैंने सिर्फ सेवा की भावना से काम किया।”
बयान पर टाल-मटोल कर गए एच.के. पाटिल
कार्यक्रम में मौजूद कर्नाटक सरकार के मंत्री एच.के. पाटिल ने खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा,
“मैंने वो भाषण सुना नहीं है, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। मैं खुद तीन बार विधान परिषद में विपक्ष के नेता रहा हूं और हमने हमेशा अपनी भूमिका निभाई है।”
1999 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 224 में से 132 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। हालांकि पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए एस.एम. कृष्णा को चुना, जो कर्नाटक के 16वें मुख्यमंत्री बने। खड़गे को कृष्णा और उनके उत्तराधिकारियों की सरकारों में मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में 2009 में वह लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और केंद्र सरकार में श्रम एवं रोजगार मंत्री बनाए गए। वे इससे पहले रेल और सामाजिक न्याय मंत्री की भूमिका भी निभा चुके हैं।





