मानसून सत्र: पीएम मोदी सीज़फायर पर दें सफाई- गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने सबसे पहले पहलगाम हमले का ज़िक्र करते हुए कहा,
“राजनाथ सिंह जी ने बहुत कुछ बताया, लेकिन यह नहीं बताया कि पाकिस्तान से आए आतंकी पहलगाम तक कैसे पहुंचे और 26 निर्दोष लोगों को कैसे मार डाला?” उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रहित में सवाल पूछना विपक्ष का कर्तव्य है और यह कोई राष्ट्रविरोधी कदम नहीं है। गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युद्धविराम पर सफाई मांगी। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का हवाला देते हुए कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को सीज़फायर के लिए मजबूर किया। अगर पाकिस्तान झुकने को तैयार था तो युद्ध क्यों रोका गया? क्या प्रधानमंत्री ने किसी के दबाव में आकर यह निर्णय लिया?”
"कितने विमान गिरे? कितने राफेल फंक्शनल हैं?"
गोगोई ने भारतीय वायुसेना के नुकसान पर पारदर्शिता की मांग करते हुए पूछा, “हम जानना चाहते हैं कि हमारे कितने लड़ाकू विमान गिरे? 35 राफेल थे, कितने ऑपरेशनल हैं? अगर एक भी राफेल क्षतिग्रस्त हुआ है, तो यह बहुत बड़ा नुकसान है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जवानों को भी ज़मीनी सच्चाई से अंधेरे में रखा जा रहा है। कांग्रेस सांसद ने युद्ध के दौरान चीन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
“जब भारत पाकिस्तान के साथ संघर्ष में था, उस समय चीन खुलकर पाकिस्तान की मदद कर रहा था। तब कहां गई थी भारत की 'लाल आंख' नीति?”
उन्होंने विदेश नीति को विफल बताते हुए सवाल उठाया कि IMF द्वारा पाकिस्तान को दिए जा रहे कर्ज पर भारत की क्या भूमिका रही?
गौरव गोगोई ने कहा कि आतंकवादियों का मकसद जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को बर्बाद करना था।
“हमले को 100 दिन हो चुके हैं, लेकिन आतंकियों को अब तक न्याय के कटघरे में नहीं लाया गया। अगर युद्ध का उद्देश्य PoK को मुक्त कराना नहीं था, तो फिर मकसद क्या था?”
उन्होंने तल्खी के साथ पूछा, “PoK आज नहीं लेंगे तो कब लेंगे?”





