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महबूबा मुफ्ती ने कहा, अमेरिका को नजरअंदाज करें; कश्मीर पर गोर के बयान पर प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान नई दिल्ली ही कर सकती ह

महबूबा मुफ्ती ने कहा, अमेरिका को नजरअंदाज करें; कश्मीर पर गोर के बयान पर प्रतिक्रिया
फोटो: महबूबा मुफ्ती ने कहा, अमेरिका को नजरअंदाज करें; कश्मीर पर गोर के बयान पर प्रतिक्रिया

महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर द्वारा राज्य के संदर्भ में दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर अमेरिका को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है और हमें उनकी मंजूरी की आवश्यकता नहीं। गोर ने कहा था कि 'जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है', जिसे लेकर पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारी को तलब किया।


महबूबा मुफ्ती ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमें अमेरिका को लेकर ज्यादा गंभीर होने की आवश्यकता है। अमेरिका के हस्तक्षेप से जहां-जहां भी समस्याएं हुई हैं, वहां केवल तबाही का मंजर देखने को मिला है। अमेरिका हमारा मालिक नहीं है, इसलिए हमें उनके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।"


विदेशी मेहमानों की यात्रा पर नाराजगी

महबूबा मुफ्ती ने सर्जियो गोर के कश्मीर दौरे के कार्यक्रम पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 2019 से पहले विदेशी राजनयिकों के लिए जम्मू-कश्मीर में यात्रा अधिक खुली थी। उनके अनुसार, पहले राजदूत समाज के हर वर्ग से मिलते थे, जबकि अब यात्रा पूरी तरह से नियंत्रित हो गई है।


उन्होंने कहा, "2019 के बाद से विदेशी मेहमानों के दौरे पूर्व निर्धारित हैं। वे केवल मुख्यमंत्री और गवर्नर से मिलते हैं और बस शिकारा की सवारी करके लौट जाते हैं।"


केंद्र सरकार की भूमिका पर जोर

महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान केवल नई दिल्ली सरकार ही कर सकती है। उन्होंने कहा, "मैं उमर अब्दुल्ला के इस बयान से सहमत हूं कि अमेरिका इस मामले में कुछ नहीं कर सकता।"


महबूबा मुफ्ती केंद्र सरकार पर धारा 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का दबाव बना रही हैं। हालांकि, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बीच धारा 370 को लेकर मतभेद हैं। उमर अब्दुल्ला मानते हैं कि भाजपा सरकार के रहते धारा 370 को बहाल नहीं किया जा सकता, जबकि महबूबा मुफ्ती इसे एक अधूरी जीत मानती हैं।