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गौरव गोगोई के सवालों पर ललन सिंह का पलटवार- 'मुंबई में आतंकी कैसे घुसे, जवाब दो!'

जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के सवालों का सिलसिलेवार जवाब देते हुए यूपीए शासन को आतंकवाद पर विफल करार दिया।

गौरव गोगोई के सवालों पर ललन सिंह का पलटवार- 'मुंबई में आतंकी कैसे घुसे, जवाब दो!'
फोटो: गौरव गोगोई के सवालों पर ललन सिंह का पलटवार- 'मुंबई में आतंकी कैसे घुसे, जवाब दो!'
लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर हुई विशेष चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के सवालों का सिलसिलेवार जवाब देते हुए यूपीए शासन को आतंकवाद पर विफल करार दिया।ललन सिंह ने कहा, “2004 से 2014 के बीच आतंकवादी घटनाओं में 614 नागरिक मारे गए, लेकिन कांग्रेस सरकार मूकदर्शक बनी रही।अब वे हमसे सवाल पूछ रहे हैं कि आतंकी पहलगाम में कैसे घुसे, जबकि 26/11 के हमलावर मुंबई तक आ पहुंचे थे।” उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ “घड़ियाली आंसू” बहाता है, लेकिन जब कार्रवाई की जरूरत होती है, तो पीछे हट जाता है।

2016 के बाद शुरू हुई निर्णायक नीति: ललन सिंह

ललन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 2016 में उरी हमले के बाद भारत ने पहली बार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति अपनाई। उसी साल पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप तबाह किए गए। 2019 में पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक हुई। ये पीएम मोदी की इच्छाशक्ति और सुरक्षा नीति की स्पष्टता का परिणाम था। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा रद्द की और 'ऑपरेशन सिंदूर' का फैसला लिया, जिससे पाकिस्तान को करारा जवाब मिला।

राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को मधुबनी में दिए गए भाषण में स्पष्ट कर दिया था कि इस हमले का जवाब कल्पना से परे होगा। “प्रधानमंत्री ने सेना को पूरी छूट दी। वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर तबाह कर दिए। मिसाइलें हवा में ध्वस्त हो गईं और पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि एक भी नागरिक विमान को खरोंच तक नहीं आई।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की लड़ाई पाकिस्तान से नहीं, आतंकवाद से है। ऑपरेशन सिंदूर इसी नीति का हिस्सा था, और यह बंद नहीं बल्कि स्थगित हुआ है।

कांग्रेस की नीयत और विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

ललन सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा: “कांग्रेस के शासन में आतंकियों से मुकाबले की कोई रणनीति नहीं थी। आतंकवाद के प्रति उसकी नीति कमजोर और वोटबैंक आधारित थी। आज जब भारत निर्णायक कार्रवाई कर रहा है, तो कांग्रेस सवाल उठा रही है कि आतंकी क्यों आए थे! क्या वो बता कर आते हैं?” उन्होंने कहा कि अब देश कांग्रेस की बातों पर ध्यान नहीं देगा, और जनता उन्हें जवाब देगी।  कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बयान पर पलटवार करते हुए ललन सिंह ने कहा कि आप जो भी कहें, देश की जनता ने सब कुछ टीवी पर देखा है, पाकिस्तान की मिसाइलें सिर्फ दिखावे की थीं, जैसे फूलझड़ी उड़ती है। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई निर्णायक और प्रभावशाली थी। आप चाहे जितना भाषण दें, कोई यकीन नहीं करेगा।