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नई दिल्ली में भारत-रूस बैठक: रणनीतिक और बहुपक्षीय सहयोग

नई दिल्ली में भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय FOC बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग सहित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली में भारत-रूस बैठक: रणनीतिक और बहुपक्षीय सहयोग
फोटो: India Russia Foreign Office Consultations, India Russia meeting New Delhi
नई दिल्ली में भारत-रूस बैठक में आयोजित उच्चस्तरीय विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रूस के उप-विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको ने भाग लिया। यह बैठक दोनों देशों के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अहम मानी जा रही है।

नई दिल्ली में भारत-रूस बैठक

नई दिल्ली में भारत-रूस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की। मुख्य विषय रहे: 
रक्षा सहयोग को और विस्तृत करना 
ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, विशेषकर तेल और गैस 
व्यापार और निवेश के अवसर
कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम 
बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और समन्वय
इसके अलावा, दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। इसमें एशिया-प्रशांत की स्थिति, यूरेशिया और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल थे।

23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की समीक्षा

बैठक में भारत-रूस विदेश कार्यालय परामर्श के तहत दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इस सम्मेलन में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल थे: 
व्यापार को 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य 
रक्षा उत्पादन में संयुक्त प्रयास 
परमाणु ऊर्जा और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग 
यह समीक्षा बैठक दोनों देशों की रणनीतिक योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रही।

उच्च स्तरीय संपर्क और कूटनीतिक संकेत 

बैठक के दौरान रूसी उप-विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की। यह संकेत देता है कि भारत और रूस अपने नियमित उच्चस्तरीय संवाद को जारी रख रहे हैं।

पिछली FOC बैठक मार्च 2025 में मॉस्को में हुई थी, और इस नई दिल्ली बैठक ने उस वार्षिक संवाद प्रक्रिया का अगला चरण पूरा किया। यह दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की संस्थागत निरंतरता को दर्शाता है।

भारत-रूस संबंधों का महत्व 

भारत और रूस के दशकों पुराने संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का दर्जा प्राप्त है। इसके प्रमुख आयाम हैं:
भारत के अधिकांश रक्षा उपकरण रूस से आते हैं
रूस भारत के लिए प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है
दोनों देश BRICS और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग करते हैं

नई दिल्ली में हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। बैठक ने यह स्पष्ट किया कि भारत और रूस न केवल अपने पारंपरिक संबंधों को बनाए रखना चाहते हैं, बल्कि उन्हें व्यापार, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में और मजबूत करने की योजना बना रहे हैं।

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