LPG सिलेंडर की आपूर्ति में बड़ी राहत
भारत की कुल गैस जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से आता है। हाल के दिनों में कतर के LNG प्लांट पर हमलों के कारण गैस उत्पादन प्रभावित हुआ था, जिससे भारत सहित कई देशों की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा था। कतर ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में भी विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार बना रहेगा, जिससे LPG सिलेंडर की आपूर्ति में बड़ी राहत सुनिश्चित होगी।
पड़ोसी देशों को भी सपोर्ट
भारत ने सिर्फ अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि LPG प्राकृतिक गैस रणनीति और भारत ऊर्जा मास्टरस्ट्रोक के तहत पड़ोसी देशों को भी सप्लाई जारी रखी। श्रीलंका को 38 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पाद दिए गए हैं, वहीं मॉरीशस के साथ भी तेल और गैस आपूर्ति को लेकर समझौते हुए हैं। यह साफ करता है कि भारत क्षेत्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार के रूप में उभर रहा है।
ऊर्जा उत्पादन और तैयारी
भारत में गैस आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम है। कुल बिजली क्षमता में गैस आधारित प्लांट्स की हिस्सेदारी केवल 1.4 प्रतिशत है। संभावित कमी से निपटने के लिए सरकार ने 10 गीगावाट क्षमता वाले कुछ पावर प्लांट्स के मेंटेनेंस को अगले तीन महीनों के लिए टाल दिया है। यह कदम गर्मियों में बढ़ती बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
भविष्य की रणनीति
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को और मजबूत करने के लिए नए करार भी कर रहा है। टॉरेंट पॉवर ने जापानी कंपनी के साथ 2027 से LNG सप्लाई का लंबी अवधि का समझौता किया है। इसके अलावा, सरकार इंडक्शन कुकिंग को बढ़ावा दे रही है, जिससे कुकिंग गैस पर दबाव कम होगा।
कतर के साथ मजबूत रिश्ते और नई ऊर्जा रणनीति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत वैश्विक संकटों के बीच भी अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले समय में एलपीजी सिलेंडर और गैस सप्लाई में आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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