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राष्ट्रीय • दिल्ली

CJP आंदोलन में कांग्रेस की निष्क्रियता: AAP और वामपंथी दलों का समर्थन

कांग्रेस की अनुपस्थिति से आंदोलन में उठ रहे हैं सवाल, AAP और वामपंथियों का समर्थन जारी है।

CJP आंदोलन में कांग्रेस की निष्क्रियता: AAP और वामपंथी दलों का समर्थन
फोटो: Congress's Inactivity in CJP Movement: Support from AAP and Left Parties

CJP आंदोलन की पृष्ठभूमि

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आंदोलन जारी है। इस आंदोलन के तहत कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन किए हैं, लेकिन दोनों दल एक साथ नहीं दिखे हैं। शुक्रवार को जंतर-मंतर पर CJP ने एक बड़ा आंदोलन आयोजित करने का आह्वान किया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस समय चेन्नई में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करने में व्यस्त थे।


इस आंदोलन को अब तक आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और वामपंथी दलों ने समर्थन दिया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी की भागीदारी अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है।


ममता बनर्जी की स्थिति

ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कुछ भी सुनिश्चित नहीं है। इससे पहले, NEET-UG पेपर लीक मामले में CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करने के लिए लेफ्ट, TMC और AAP ने भाग लिया था, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।


यह आंदोलन छात्रों की मांगों को लेकर चल रहा है और विभिन्न दलों का समर्थन इसे और मजबूत बना रहा है।


कांग्रेस की दूरी पर सवाल

कांग्रेस के इस आंदोलन से दूरी बनाने पर सवाल उठ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने CJP से दूरी बनाई है। इससे पहले भी जब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए थे, तब भी कांग्रेस नेता वहां नहीं पहुंचे थे। विपक्ष के कई नेता अभिजीत दीपके के मंच पर उपस्थित थे, लेकिन राहुल गांधी ने इसमें भागीदारी नहीं की।


इस संदर्भ में, शुक्रवार को CPM के महासचिव MA बेबी ने आगामी विरोध प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का प्रयास किया। TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी CJP का समर्थन करते हुए एक पोस्ट साझा किया। वामपंथी दलों ने संयुक्त बयान में कहा कि इकट्ठा होने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार मौलिक अधिकार है।