अखिलेश यादव का मार्च से नदारद रहना
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की आलोचना लगातार जारी है। बुधवार, 7 अक्टूबर को राहुल गांधी ने कई सांसदों के साथ मिलकर एक विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, इस बार एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के सांसद इस मार्च में अनुपस्थित रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अब इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के लंच का निर्णय देर रात लिया गया था, जिससे कुछ पार्टियों के लिए शामिल होना संभव नहीं हो पाया।
विपक्षी एकता और लंच का निर्णय
राहुल गांधी के नेतृत्व में जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव और उनके सांसदों की अनुपस्थिति पर अनेक सवाल उठ रहे थे। इस पर जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि 'आज के लंच के लिए INDIA गठबंधन की सभी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन लंच का निर्णय रात को लिया गया था और इसकी जानकारी सभी को दी गई थी। इसलिए कुछ पार्टियों का शामिल न होना स्वाभाविक था।'
यह उल्लेखनीय है कि पिछले दिन, अखिलेश यादव अपने सांसदों के साथ राहुल गांधी के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। आज उनकी अनुपस्थिति को उत्तर प्रदेश चुनाव में सीटों की संख्या पर सहमति न बनने से भी जोड़ा जा रहा है। जयराम रमेश ने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा, 'INDIA और अन्य विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं और वोट चोरी, SIR और परिसीमन के खिलाफ मिलकर खड़ी हैं।'





