कॉकरोच बुराइयों की तुलना में राष्ट्रवाद की जरूरत
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना विकसित करने के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों को 'कॉकरोच जैसी बुराइयों' से दूर रखा जा सकेगा।
अधिकारी ने छात्रों के लिए तीन दिवसीय भाषण, क्विज तथा वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''कॉकरोच, खटमल और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसी बुराइयां कोरोना वायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं।''
तृणमूल सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के शासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इन दलों ने लोगों की विरासत और संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ''नास्तिक कम्युनिस्टों का 34 साल का शासन और तृणमूल का 15 साल का शासन लोगों की संस्कृति को मिटाने की कोशिश कर रहा था।''
अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में नामांकन को रोकने की कोशिश की और उसकी जगह 'जय हिंद वाहिनी' की स्थापना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी में भाग लेने से छात्रों को सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में चयन में सहायता मिलेगी।
पाठ्यक्रम में बदलाव और मोबाइल फोन का मुद्दा
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि तृणमूल शासन के दौरान स्कूलों की इतिहास की किताबों में उन व्यक्तियों का गुणगान किया गया, जिन्होंने टाटा मोटर्स को सिंगूर से बाहर कर दिया। उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भूमि अधिग्रहण-विरोधी आंदोलनों की ओर था।
उन्होंने बताया कि अगले शैक्षणिक वर्ष से पाठ्यक्रम में परिवर्तन किए जाएंगे और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने 12वीं कक्षा तक के छात्रों के मोबाइल फोन के उपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि छात्रों को पढ़ाई के लिए टैबलेट प्रदान किए जाएंगे, जबकि उनकी पूर्ववर्ती सरकार ने मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10,000 रुपये दिए थे।
भारत-विरोधी साहित्य पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ऐसे किसी भी साहित्य को बिक्री की अनुमति नहीं देगी, जो भारत या सनातन धर्म के खिलाफ हो या किसी धर्म की भावनाओं को आहत करे। उन्होंने कहा, ''स्टॉल लगाकर की गई ऐसी कोशिशों को लोगों ने नाकाम कर दिया है।''
अधिकारी का यह बयान राज्य के कुछ हिस्सों में वामपंथी दलों द्वारा लगाए गए बुक स्टॉल पर संदर्भित था, जहां उन्होंने भारत विरोधी सामग्री की बिक्री की कोशिश की थी।





