नई दिल्ली: 'इंडिया गठबंधन' के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने निष्पक्ष चुनाव, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
कन्हैया कुमार ने वोट चोरी के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि कुछ लोग इसे केवल राजनीतिक मुद्दा मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह आम जनता की आजादी से जुड़ा सबसे बुनियादी सवाल है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
"अगर किसी का अधिकार, माइक या चश्मा छीन लिया जाए तो वह क्या करेगा? जब वोट का अधिकार ही छीन लिया जाएगा और सरकार चोरी से बनेगी, तो वही सरकार चंदा, पेपर और देश के संसाधन चुराएगी।"
उन्होंने कहा कि आजादी का आधार वोट है और वोट का आधार निष्पक्ष संस्थाएं हैं। अगर संस्थाएं निष्पक्ष नहीं रहेंगी तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।
मीडिया और संस्थाओं पर साधा निशाना
मेनस्ट्रीम मीडिया की गिरती साख पर सवाल उठाते हुए कन्हैया ने कहा कि संस्थाओं में बैठे लोगों को यह समझना होगा कि देश सब देख रहा है और आने वाले समय में सभी की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को संविधान की सेवा करनी चाहिए न कि किसी सत्ताधारी नेता की। कन्हैया ने स्पष्ट किया कि आंदोलन लोकतंत्र की सांस हैं और जब तक लोकतंत्र और संविधान की रक्षा नहीं हो जाती, यह संघर्ष जारी रहेगा।
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