आनंद दुबे का पवन खेड़ा पर हमला
इस विवाद के बाद शिवसेना नेता आनंद दुबे का कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर हमला करते हुए कहना था कि चुनावी मुद्दों को निजी मामलों में बदलना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, असम का चुनाव अच्छा चल रहा था, लेकिन पवन खेड़ा के बयान ने कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाया। चुनाव को विकास, नीति और रणनीति के आधार पर होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोपों पर।
सरमा ने किया पलटवार
खेड़ा के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा विवाद को लेकर कहा कि कांग्रेस ने जिन दस्तावेजों के आधार पर उनके परिवार पर आरोप लगाए, उनकी जांच नहीं की गई। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ती उम्र के कारण वह कभी-कभी अप्रासंगिक बातें कर देते हैं।
पुलिस कार्रवाई और खेड़ा का रवैया
सरमा की पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत असम और दिल्ली पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर पूछताछ के लिए टीम भेजी। हालांकि, वह वहां मौजूद नहीं थे। डीसीपी देबोजित नाथ ने बताया कि घर की तलाशी ली गई और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। इस पर सरमा ने तंज कसा, खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं, लेकिन असम पुलिस उन्हें कहीं से भी तलाश करेगी।
विवाद और राजनीतिक असर
पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों ने असम चुनाव की राजनीति को निजी बनाकर सियासी तापमान बढ़ा दिया। कांग्रेस सहयोगी दल ने इस तरह के बयान से बचने की सलाह दी, ताकि चुनाव मुद्दों पर केंद्रित रह सके। सरमा ने आरोपों को झूठे और भ्रामक बताया और कहा कि ऐसे विवादों से जनता का ध्यान असली चुनावी मुद्दों से हटता है।
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