वहीं, 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ने 12 लाख रुपए तक सालाना आमदनी वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स में छूट का ऐलान किया था। इसे मध्यवर्ग के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले। केजरीवाल ने इस छूट का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक बड़ी सुविधा है, लेकिन उन्होंने इसे दिल्ली चुनाव से जोड़ते हुए यह भी कहा कि भाजपा का यह कदम सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा दिल्ली चुनाव में हार जाती है, तो यह जीएसटी की दर में भी कमी आएगी, जिससे दिल्ली के लोगों को लाभ होगा।
दिल्ली चुनाव के संदर्भ में केजरीवाल ने पहले भी मिडिल क्लास को आकर्षित करने के लिए एक 'मेनिफेस्टो' जारी किया था, जिसमें केंद्र सरकार के सामने 7 प्रमुख मांगें रखी थीं। इसमें उन्होंने इनकम टैक्स की छूट को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की मांग की थी। अब, केंद्र सरकार ने उनकी मांग से भी अधिक राहत देते हुए 12 लाख रुपए तक की आमदनी वाले लोगों के लिए टैक्स छूट की घोषणा की।
इसे केजरीवाल ने दिल्ली के चुनावों से जोड़ते हुए भाजपा की बढ़ती असफलता और उनकी रणनीतियों पर तंज कसा।
केजरीवाल ने इसके साथ ही यह भी कहा कि भाजपा के फैसलों में बदलाव केवल इस कारण हो रहे हैं कि भाजपा को लोकसभा चुनाव में जनता ने कम सीटें दी हैं, और यही वजह है कि अब भाजपा ने आम जनता को लुभाने के लिए राहत देने का फैसला लिया है। उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे भाजपा के खिलाफ वोट डालें और उन्हें एक स्पष्ट संदेश भेजें।
हालांकि, दिल्ली में भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों में सभी सातों सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी 303 सीटों से घटकर 240 सीटों पर सिमट गई थी, जो कि उनके लिए एक बड़ा झटका था। केजरीवाल ने इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मतदाताओं से भाजपा को एक और सबक सिखाने की अपील की है, ताकि वे दिल्ली में अच्छे से हार जाएं और आम लोगों को बेहतर राहत मिले।
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