केजरीवाल ने कहा, “राजीव कुमार इस महीने के अंत में रिटायर हो रहे हैं, तो उन्हें कौन सा ऐसा पद दिया गया है कि उन्होंने देश के लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को खतरे में डाल दिया?” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और रिटायरमेंट के बाद इस पद की लालच ने राजीव कुमार को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को गिरवी रखने पर मजबूर कर दिया है। केजरीवाल का यह भी कहना था कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस लोकतंत्र के लिए अपना खून बहाया और अपनी जान की कुर्बानी दी, अगर उस लोकतंत्र को किसी पद के लिए दांव पर लगा दिया जाए तो यह किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है।
केजरीवाल ने इसके बाद एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी गुंडागर्दी में लिप्त है और पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों को निशाना बना रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वह इस स्थिति से निपटने में पूरी तरह से असहाय है और डरी हुई है। केजरीवाल ने सीधे सवाल किया, “सबसे बड़ा गुंडा कौन है जो इस देश के कानून से नहीं डरता? वह गुंडा कौन है जो पत्रकारों को गिरफ्तार कर रहा है और ‘आप’ कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों पर खुलेआम हमले कर रहा है? वह गुंडा कौन है जिससे दिल्ली पुलिस आदेश ले रही है और वह खुद असहाय महसूस कर रही है?”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही एक और तुलना करते हुए कहा कि “एक तरफ उनकी पार्टी है, जो आम आदमी के 25,000 रुपये प्रति माह बचाने का काम कर रही है, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी गुंडागर्दी और हिंसा में लिप्त है।” उन्होंने इस पर जोर दिया कि उनकी पार्टी हमेशा आम आदमी की भलाई के लिए काम करती रही है, जबकि बीजेपी सिर्फ सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
केजरीवाल ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण लड़ाई के रूप में देखा और यह दावा किया कि उनकी पार्टी भाजपा की गलत नीतियों और उनके भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए हमेशा तैयार है।
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