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UP की 10 राज्यसभा सीटों पर घमासान: नंबर गेम, क्रॉस-वोटिंग का डर और तीन संभावित समीकरण

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए नंबर गेम और क्रॉस-वोटिंग के बीच तीन बड़े समीकरण।

UP की 10 राज्यसभा सीटों पर घमासान: नंबर गेम, क्रॉस-वोटिंग का डर और तीन संभावित समीकरण
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उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नामांकन की प्रक्रिया और आगामी 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले जोड़-तोड़, नंबर गेम और क्रॉस-वोटिंग का डर हावी है। विधानसभा की वर्तमान प्रभावी संख्या 397 है, जिसके तहत एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 पहली प्राथमिकता के वोटों की आवश्यकता होगी।

दलीय स्थिति और नंबर गेम

  • एनडीए (NDA): बीजेपी के पास लगभग 255-257 विधायक हैं। अपने सहयोगियों (अपना दल एस, आरएलडी, सुभासपा और निषाद पार्टी) को मिलाकर एनडीए का कुल आंकड़ा 288-289 तक पहुंच जाता है। कुछ अन्य निर्दलीय या बागी विधायकों के समर्थन से यह संख्या 292 तक जा सकती है, जिससे वे आसानी से 7 सीटें जीत सकते हैं।

  • सपा (SP) और कांग्रेस: समाजवादी पार्टी के पास करीब 100-101 और कांग्रेस के 2 विधायकों को मिलाकर यह INDIA गठबंधन 102-103 वोटों के साथ आसानी से 2 सीटें सुरक्षित कर सकता है।

तीन प्रमुख राजनीतिक परिदृश्य (Scenarios)

  1. सर्वसम्मति का रास्ता (BJP 8, SP 2): यदि बीजेपी आठ और सपा दो उम्मीदवार उतारती है, तो कुल 10 उम्मीदवार होने पर बिना चुनाव के यह प्रक्रिया शांति से निपट सकती है।

  2. सपा का तीसरा उम्मीदवार और नाथवानी फैक्टर: रिलायंस से जुड़े धनराज परमार नाथवानी को सपा द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने से समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। यदि बीजेपी 7 उम्मीदवार उतारती है, तो सपा तीसरा उम्मीदवार उतारकर बड़ा दांव चल सकती है।

  3. आमने-सामने की टक्कर (BJP 8, SP 3): यदि दोनों पक्ष अपनी ताकत आजमाते हैं, तो मुकाबला बेहद रोमांचक होगा। ऐसे में पिछले चुनावों की तरह क्रॉस-वोटिंग का खतरा दोनों तरफ मंडरा रहा है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधायकों की निष्ठा परखने का यह बड़ा लिटमस टेस्ट होगा।

यह चुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करेगा, बल्कि दोनों गठबंधनों के आंतरिक अनुशासन और रणनीतिक पकड़ की भी पूरी परीक्षा लेगा।