जमुई (बिहार): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अभद्र व्यवहार और छेड़खानी के चर्चित मामले में जमुई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर आरोपियों ने गोलीबारी कर दी। जवाबी कार्रवाई में मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जमुई के जिलाधिकारी (DM) नवीन कुमार ने खुद अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से मुठभेड़ की जानकारी ली।
जमुई-लखीसराय सीमा पर हुई मुठभेड़
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह एनकाउंटर जमुई और लखीसराय जिले की सीमा पर स्थित कुंदर के पास हुआ। पुलिस टीम फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी करने पहुँची थी। इसी दौरान घेराबंदी देखकर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लग गई।
इसके साथ ही चर्चा है कि एक अन्य आरोपी हरेराम यादव को भी गोली लगी है, हालांकि इस पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की टीम मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ था हंगामा
जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार का एक दर्दनाक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
इस घटना को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई। विपक्षी दलों कांग्रेस और राजद (RJD) ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस कार्रवाई में अब तक क्या हुआ?
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सोमवार: वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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मंगलवार: मुख्य आरोपी की तलाश में कुंदर में छापेमारी के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल हुआ।
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आगे की कार्रवाई: मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस पोक्सो अधिनियम (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत सभी साक्ष्यों को खंगाल रही है।





