पिछले सप्ताह, विज ने एसएचओ को महिला की शिकायत पर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। जब महिला सोमवार को फिर से विज के पास आई और शिकायत की कि मंत्री के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विज ने एसएचओ से पूछा कि उनके निर्देश के बावजूद मामला क्यों दर्ज नहीं हुआ। इस पर एसएचओ ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। मामले की गंभीरता को समझते हुए विज ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर से फोन पर बात की और एसएचओ को निलंबित करने का आदेश दिया।
विज ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए यह स्पष्ट किया कि जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं करेंगे और लोगों के मामलों में अनदेखी करेंगे, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उनका यह भी कहना था कि जनता का विश्वास प्रशासन पर बनाए रखने के लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा।
इसके अलावा, उन्होंने अपने निर्देश में यह भी कहा कि जनता दरबार में उपस्थित सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी शिकायत का समाधान एक सप्ताह के भीतर किया जाए। वे चाहते थे कि अधिकारियों को किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतनी चाहिए और सभी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि लोगों को न्याय मिल सके और प्रशासन की छवि पर कोई आंच न आए। अनिल विज ने यह भी जोर दिया कि जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए, ताकि जनता को यह महसूस हो कि प्रशासन उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रहा है और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जा रहा है।





