Molitics Logo
होम रिपोर्ट्स समाचार लेख: पंजाब में पत्रकारिता पर दबाव का आरोप, मानिक गोयल ने AAP सरकार पर उठाए सवाल
रिपोर्ट्स • पंजाब

समाचार लेख: पंजाब में पत्रकारिता पर दबाव का आरोप, मानिक गोयल ने AAP सरकार पर उठाए सवाल

पंजाब में पत्रकारिता की स्वतंत्रता, सोशल मीडिया पेजों पर कार्रवाई और कॉपीराइट शिकायतों को लेकर पत्रकार ने भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए।

समाचार लेख: पंजाब में पत्रकारिता पर दबाव का आरोप, मानिक गोयल ने AAP सरकार पर उठाए सवाल
फोटो: Punjab Journalism | Bhagwant Mann Government | AAP Government | Press Freedom | Copyright Claims

पंजाब में पत्रकारिता की स्वतंत्रता, सोशल मीडिया पेजों पर प्रतिबंध और कॉपीराइट शिकायतों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सवाल उठाए गए हैं। एक इंटरव्यू में पत्रकार मंटू और मानिक गोयल से जुड़ी चर्चा के दौरान पंजाब में पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों, सरकारी विज्ञापनों, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दबाव के आरोपों पर विस्तार से बात हुई।

 

पेज ब्लॉक करने और कॉपीराइट शिकायतों का आरोप

इंटरव्यू में पत्रकार ने दावा किया कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उनके डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म IWA TV का फेसबुक पेज हटाया गया और मोनेटाइजेशन भी बंद कर दिया गया। उनके मुताबिक, इसके बाद पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक दबाव के जरिए पत्रकारों की आलोचनात्मक आवाज कमजोर करने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस साल जनवरी में उनके निजी पेज पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर इस्तेमाल करने को लेकर चार कॉपीराइट शिकायतें की गईं। उनके अनुसार, विधानसभा की कार्यवाही के वीडियो पर भी कॉपीराइट दावे किए गए। उन्होंने इसे सार्वजनिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने जैसा कदम बताया।

 

पत्रकारों की गिरफ्तारी और सरकारी निगरानी पर सवाल

बातचीत में एक महिला पत्रकार की गिरफ्तारी का जिक्र भी हुआ, जिसने दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास से जुड़े मामले पर रिपोर्टिंग की थी। इंटरव्यू में दावा किया गया कि पंजाब में एक विवाद के बाद उन्हें एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया और बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया। हालांकि, इन आरोपों और मामले के कानूनी विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

पत्रकार ने आगे आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े तंत्र सोशल मीडिया गतिविधियों के अलावा पत्रकारों के आर्थिक और पारिवारिक संपर्कों की जानकारी जुटाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे निगरानी का गंभीर मुद्दा बताया।

 

मोदी सरकार से तुलना, विज्ञापनों और राजनीतिक नैरेटिव पर चर्चा

इंटरव्यू में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों पर कथित दबाव की तुलना की गई। वक्ता ने कहा कि दोनों जगह पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठते हैं, हालांकि दोनों सरकारों की कार्रवाई की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

सरकारी विज्ञापनों को लेकर भी चर्चा हुई। पत्रकार का कहना था कि विज्ञापन मीडिया की आय का स्रोत हो सकते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल आलोचनात्मक खबरों को रोकने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक समूह पत्रकारों की छवि खराब करने और उन्हें विपक्षी दलों का समर्थक बताने का प्रयास करते हैं।

 

आरटीआई और लोकतंत्र की स्वतंत्रता पर जोर

बातचीत के अंत में पंजाब में सूचना के अधिकार (RTI) की स्थिति पर चिंता जताई गई। पत्रकार ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों को आलोचना सहने की क्षमता रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के नेताओं से व्यक्तिगत संबंध होने के बावजूद जनहित से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाना पत्रकार का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता का समर्थन करना नहीं, बल्कि जनता के सवाल उठाना है। इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों पर संबंधित सरकारों का पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि इस बहस को पूरी तरह समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

इस पूरी खबर को वीडियो फॉर्मेट में देखिए के लिए, क्लिक करें नीचे दिए गए लिंक पर- https://youtu.be/MqWCAaW8I74?si=WyhfnoiuNL5MGtxO
  

Video