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पश्चिम बंगाल में बमबारी और हत्याओं की बीच पंचायत चुनाव की हुई वोटिंग

पश्चिम बंगाल में बमबारी और हत्याओं की बीच पंचायत चुनाव की हुई वोटिंग
फोटो: पश्चिम बंगाल में बमबारी और हत्याओं की बीच पंचायत चुनाव की हुई वोटिंग
पश्चिम बंगाल में तीन स्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) के लिए 8 जुलाई को भारी हिंसा के बीच मतदान हुए। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले बंगाल पंचायत चुनाव को राज्य में ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है। इन चुनाव में जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों में करीब 74,000 सीटों के लिए वोट डाले गए। पंचायत चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदाताओं की संख्या करीब 5.67 करोड़ है। पूरे बंगाल में केंद्रीय बलों की 485 कंपनियां तैनात है। इन कंपनियों के 65,000 जवानों को हिंसा रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया। चुनाव से एक दिन पहले भी पश्चिम बंगाल (West Bengal) पुलिस ने अलग अलग जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

election

 

लेकिन इन सबके बावजूद पूरे राज्य में हिंसा होती हुई दिखाई दी। चुनावी हिंसा में 6 जिलों में 15 लोगों के मरने की खबर है। मरने वालों में 8 TMC कार्यकर्ता, तीन CPI(M) कार्यकर्ता, कांग्रेस-भाजपा और ISF के एक-एक कार्यकर्ता और एक निर्दलीय उम्मीदवार का पोलिंग एजेंट शामिल है। 9 जून से अब तक हिंसक घटनाओं में मरने वालों की संख्या 28 से ज्यादा हो चुकी है।

vote box

 

कूच बिहार के सीताई में बाराविटा प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र में तोड़फोड़ की गई और मतपत्रों में आग लगा दी गई। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए 2018 में भी ऐसे ही दृश्य देखने को मिले थे। मतदान के बीच TMC ने ट्वीट कर कहा, "आज हम जो अपार समर्थन देख रहे हैं वह लोगों के विश्वास का प्रमाण है.हम हमेशा चुनौतियों से ऊपर उठे हैं और अपने लोगों के लिए ऐसा करना जारी रखेंगे।”

TMC

 

वहीं BJP के आईटी सेल चीफ अमित मालवीय (Amit Malviya) ने बंगाल में जारी हिंसा को लेकर ट्वीट कर कहा, "दुखद है कि हम उस दिन मृतकों की गिनती कर रहे हैं जिस दिन पश्चिम बंगाल में पंचायतें चुनने के लिए वोट पड़ रहे हैं।”

amit malviya

 

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhary) ने कहा, "सत्तारूढ़ दल टीएमसी पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग ने बंगाल में आतंक का राज कायम कर दिया है।" उनका दावा है कि मरने वालों की संख्या 26 हो गई है और सैकड़ों लोग जो घायल हुए हैं अस्पताल में भर्ती हैं। बंगाल में राजनीतिक और चुनावी माहौल हिंसा से भरा हुआ है। यह लोकतंत्र का मखौल और पंचायत चुनावों का मखौल के अलावा और कुछ नहीं है। यह चुनावी लूट-खसोट का एक शानदार उदाहरण है।

amit shah

 

हिंसा की घटनाओं को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने BJP के प्रदेश अध्यक्ष सुकान्त मजूमदार (Sukanta Mazumdar) से भी बात की और कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी ली। वहीं, नंदीग्राम से भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने कहा कि बंगाल जल रहा है, इसलिए केंद्र को यहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए।



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