
ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा ने अपने अपने उपर हमले होने की आशंका जताई थी। केंद्र सरकार ने कुशवाहा की बात को गंभीर लेते हुए Y+ की सुरक्षा (Y+ Security) देने की बात को मान ली। यानी अब Y+ की सिक्योरिटी के सुरक्षा घेरे के अंदर कुशवाहा रहेंगे। कुशवाहा को 3 अलग-अलग शिफ़्ट में CRPF के जवान घेरे रहेंगे। CRPF के 11 कमांडो कुशवाहा की सुरक्षा में मौजूद रहेंगे। सभी कमांडो विशेष आधुनिक हथियारों से लैस होंगे।

आपको बता दे कि जेडीयू से अलग होकर कुशवाहा ने नई पार्टी बनाकर अपनी पार्टी का नाम "राष्ट्रीय लोक समता पार्टी" (Rashtriya Lok Janata Dal) रखा है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कुशवाहा का पार्टी से बाहर निकलना, फिर एक नई पार्टी बनाना और सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर कई राजनीतिक पंडित अलग-अलग गणित लगा रहे है। बिहार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों की माने तो भाजपा उपेंद्र कुशवाहा के ज़रिए नीतीश कुमार को घेरने की योजना बना रही है। सियासी गणित को समझिए उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और मुकेश साहनी जिस जाति से आते है वो तीनों मिलाकर बिहार में 27% वोट है।

इनमें कुल 13 लोकसभा सीट भी है, अगर उपेंद्र कुशवाहा की बात करें तो कोइरी-कुर्मी जाति क़रीब 11 फ़ीसदी है। चिराग पासवान बीते हर चुनाव में 7 से 8% वोट लेकर आते रहे है। वहीं मुकेश सहनी के वोट बैंक की बात करे तो वो भी क़रीब 6 से 7 फ़ीसदी है।

अगर तीनों एक साथ बीजेपी में शामिल होते तो नीतीश कुमार (Bihar Politics News) को काफ़ी नुक़सान हो सकता है। वैसे भी चिराग़ ने तो कई मंचों से खुद को मोदी का हनुमान बोलते नज़र आए है।
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