यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बेहद गर्मागर्म बहस हुई थी। इस बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस भी मौजूद थे। बैठक के दौरान जेलेंस्की ने अमेरिका से अधिक समर्थन की उम्मीद जताई थी, लेकिन बातचीत तेजी से तनावपूर्ण हो गई। ट्रंप ने सीधे सवाल किया कि क्या यूक्रेन रूस के साथ शांति के लिए अपनी जमीन का कुछ हिस्सा छोड़ने को तैयार है? इस पर जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से इंकार किया और कहा कि यूक्रेन पहले भी रूस के साथ शांति वार्ता की कई कोशिशें कर चुका है, लेकिन वे सभी नाकाम रहीं।
बैठक के दौरान वांस ने भी हस्तक्षेप किया और जेलेंस्की पर अमेरिकी मदद की कद्र न करने का आरोप लगाया। इस पर जेलेंस्की ने पलटकर पूछा, "किस तरह की कूटनीति, जेडी?" उन्होंने अमेरिका को यह समझाने की कोशिश की कि रूस की आक्रामकता न केवल यूक्रेन बल्कि भविष्य में अमेरिका के लिए भी खतरा बन सकती है। "अभी तो आपके पास समुद्र है और आप खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में आपको इसका अहसास होगा," उन्होंने कहा। उनके इस बयान से ट्रंप नाराज हो गए और उन्होंने बैठक को अचानक समाप्त कर दिया। इसके साथ ही प्रस्तावित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी रद्द कर दिया गया।
बैठक के बाद लिंडसे ग्राहम ने जेलेंस्की पर कड़ा हमला बोला और उनकी नेतृत्व शैली की आलोचना करते हुए कहा कि उनका रवैया अमेरिका-यूक्रेन संबंधों में बाधा बन रहा है। उन्होंने यह तक कह दिया कि "या तो जेलेंस्की इस्तीफा दे दें और किसी ऐसे व्यक्ति को आगे करें जिससे हम बातचीत कर सकें, या फिर अपना रवैया बदलें।" ग्राहम ने इस बातचीत को "पूरी तरह से एक आपदा" करार दिया।
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