सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता अरुण राजभर ने बुधवार को रसड़ा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि पुलिस उपनिरीक्षक रंजीत विश्वकर्मा और कांस्टेबल शैलेश ने मंगलवार को पार्टी के बांसडीह क्षेत्र प्रभारी उमापति राजभर के साथ बदसलूकी की। अरुण ने कहा कि प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पुलिस को आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बुधवार शाम तक का समय दिया है। अगर इस अवधि में कोई कदम नहीं उठाया जाता, तो ओम प्रकाश राजभर बांसडीह थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उमापति राजभर ने अपनी शिकायत में कहा कि 4 मार्च को जब वह बांसडीह तहसील परिसर में थे, तब एक चार पहिया वाहन ने उनके पैर को कुचल दिया। वाहन का चालक उप जिलाधिकारी के सहायक दीपक था, जिसने बाद में उमापति के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें धमकाया।
उमापति ने यह भी आरोप लगाया कि दीपक ने दारोगा रंजीत विश्वकर्मा को बुलाकर उनकी पिटाई करवाई।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा कि जांच की जा रही है और उसके निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मंत्री ओम प्रकाश राजभर के प्रदर्शन के ऐलान के बारे में पुलिस अधीक्षक को कोई जानकारी नहीं थी।
वहीं, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी ने इस मामले पर बयान जारी किया और पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राम गोविंद चौधरी ने सुभासपा नेता उमापति राजभर पर हमले और अपमान करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की।
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