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West Bengal: सुवेंदु अधिकारी विधानसभा से 30 दिनों के लिए निलंबित, ममता बनर्जी के खिलाफ विरोध की तैयारी

West Bengal विधानसभा ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, बीजेपी के तीन अन्य विधायक—अग्निमित्रा पाल, बिश्वनाथ |

West Bengal: सुवेंदु अधिकारी विधानसभा से 30 दिनों के लिए निलंबित,  ममता बनर्जी के खिलाफ विरोध की तैयारी
फोटो: West Bengal, Mamata Banerjee
West Bengal विधानसभा ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, बीजेपी के तीन अन्य विधायक—अग्निमित्रा पाल, बिश्वनाथ कार्क और बंकिम घोष—को भी निलंबित किया गया है। यह सुवेंदु अधिकारी का विधानसभा से निलंबन का चौथा मामला है। सोमवार को बीजेपी की महिला विधायकों ने विधानसभा में सरस्वती पूजा के मामले पर एक प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पाल ने रखा था, जिसमें कोलकाता के योगेशचंद्र लॉ कॉलेज में हाल ही में हुए सरस्वती पूजा विवाद का जिक्र था, जो अंततः अदालत तक पहुंच गया। बीजेपी विधायकों ने इस प्रस्ताव पर चर्चा करने की मांग की।

विधानसभा में हंगामा और वॉकआउट


स्पीकर ने प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी, लेकिन चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में बीजेपी विधायकों ने विधानसभा हॉल में प्रदर्शन किया और कागज फाड़ते हुए सदन के वेल तक पहुंच गए। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने इस प्रकार के प्रदर्शन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद, बीजेपी विधायकों ने सत्र से वॉकआउट कर दिया।

बीजेपी विधायकों के वॉकआउट के बाद, TMC विधायक दल के सदस्य निर्मल घोष ने विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी और अन्य बीजेपी विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव के बाद, स्पीकर ने सुवेंदु अधिकारी सहित तीन अन्य विधायकों को 30 दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश दिया। बीजेपी विधायक ममता बनर्जी के विधानसभा सत्र में आने पर विधानसभा के बाहर धरना देने की योजना बना रहे हैं।

West Bengal विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और अन्य बीजेपी विधायकों का सरकार के कागज फाड़कर उनकी कुर्सी पर फेंकना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का आचरण स्वीकार्य नहीं है, और इसलिए इन विधायकों को शेष सत्र, यानी 30 दिनों के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव लाया गया, जिसे अन्य विधायकों ने समर्थन दिया।

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