बंगाल सरकार की आपत्ति खारिज
RSS की बंगाल इकाई ने गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर कर जिला पुलिस के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें रैली के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। पुलिस ने अपनी दलील में कहा था कि चूंकि राज्य में माध्यमिक परीक्षाएं (10वीं बोर्ड) चल रही हैं, इसलिए लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध है। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि प्रस्तावित सभा स्थल के पास एक स्कूल स्थित है, जिससे परीक्षा में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
हालांकि, कोर्ट ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया और कहा कि चूंकि सभा रविवार को आयोजित होनी है, इसलिए परीक्षा प्रभावित होने की संभावना नहीं है।
बंगाल में RSS के विस्तार पर जोर
RSS प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं और राज्य में संघ के नेटवर्क विस्तार को लेकर चर्चा की। रविवार को बर्धमान में प्रस्तावित यह रैली मध्य बंगाल के जिलों में RSS की पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोहन भागवत का यह दौरा दो प्रमुख कारणों से महत्वपूर्ण है—
2025 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों की पृष्ठभूमि ।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जिससे वहां की घटनाओं का असर राज्य की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ता है। ऐसे में RSS की यह रैली और संगठनात्मक विस्तार की योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Read This Also:- लोकपाल की जाँच के दायरे में नहीं आएंगे उच्च न्यायालय के जज, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Read This Also:- लोकपाल की जाँच के दायरे में नहीं आएंगे उच्च न्यायालय के जज, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक





