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Waqf Bill: विवादों को सुलझाने के लिए वक्फ विधेयक में बड़े बदलाव, सरकार ने दी मंजूरी

यह विधेयक पहली बार अगस्त 2024 में लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा पेश किया गया था, जिसके बाद इसे समीक्षा के लिए जेपीसी को भेजा |

Waqf Bill: विवादों को सुलझाने के लिए वक्फ विधेयक में बड़े बदलाव, सरकार ने दी मंजूरी
फोटो: Waqf Bill
सरकार ने वक्फ (संशोधन) विधेयक में प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी दे दी है, जिससे इसके बजट सत्र के दूसरे चरण में चर्चा और पारित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह संशोधन संसदीय समिति द्वारा सुझाए गए सुधारों के आधार पर किए गए हैं। जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की सिफारिशों को सरकार ने लगभग पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इस विधेयक को भारतीय बंदरगाह विधेयक के साथ कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसे सरकार के विधायी एजेंडे में उच्च प्राथमिकता दी गई है।

वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन में सुधार पर जोर


यह विधेयक पहली बार अगस्त 2024 में लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा पेश किया गया था, जिसके बाद इसे समीक्षा के लिए जेपीसी को भेजा गया। समिति ने अपनी 655 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में प्रशासनिक सुधार और विवादों के त्वरित निपटारे से संबंधित कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं। 

इनमें सबसे अहम बदलाव "उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ" की व्यवस्था को समाप्त करना और केवल "उपयोगकर्ता द्वारा पंजीकृत वक्फ" को मान्यता देना शामिल है। इसका अर्थ यह है कि जिन संपत्तियों को लेकर विवाद हैं या जो सरकारी स्वामित्व में आती हैं, उन्हें वक्फ की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को लेकर लगातार उठने वाले विवादों को कम करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों की भागीदारी और प्रशासनिक सुधार


जेपीसी ने वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने की सिफारिश की है, जिससे उनकी संख्या अधिकतम चार तक हो सकती है। इसके अलावा, विवादों की जांच का अधिकार अब जिला कलेक्टरों के बजाय राज्य सरकार द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाएगा। विधेयक में मुस्लिम ओबीसी समुदाय के प्रतिनिधित्व को भी अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है, जिससे वक्फ बोर्डों में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

इन संशोधनों का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है, जिससे नए प्रशासनिक सुधार लागू किए जा सकें। सरकार के इन कदमों से वक्फ संपत्तियों के विवादों को कम करने, उनके उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करने और सभी हितधारकों के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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