कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की आम सभा की बैठक में बोलते हुए सोनिया गांधी ने कहा, "कल लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 को जल्दबाजी में पारित कर दिया गया और आज इसे राज्यसभा में पेश किया जा रहा है। यह विधेयक जबरन थोपा गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार इसकी पूरी प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं थी।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का इस विधेयक पर रुख बिल्कुल साफ है। "यह विधेयक हमारे संविधान की आत्मा पर सीधा हमला है। इससे समाज में स्थायी विभाजन पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा का यह कदम उसकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिससे समाज को ध्रुवीकृत रखा जाए और राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।"
सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विधेयक लाने से पहले उचित परामर्श और बहस की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने विपक्ष की किसी भी आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए इसे जल्दबाजी में पारित करा लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी और इस विधेयक के खिलाफ मजबूती से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बार-बार महत्वपूर्ण विधेयकों को जल्दबाजी में पारित कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं का हनन बताते हुए कहा कि यह सरकार संवाद और सहमति के सिद्धांतों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से कानून बना रही है।
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